धन से ज्यादा धर्म की शिक्षा अपने बच्चों को दे -चिन्मयानंद बापू ।

लोकमत सत्याग्रह  / नीरज वैद्यराज /सागर,.खेल परिसर के बगल वाले मैदान में चल रही श्री राम कथा के चतुर्थ दिन में बापू ने कहा कि रामचरितमानस में भगवान राम की बाल लीला बड़े ही संक्षिप्त रूप से वर्णन है क्योंकि भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जन्म लिए हैं इसलिए गोस्वामी तुलसीदास जी ने भगवान की बाल लीला को भी बड़ा संक्षिप्त और मर्यादित लिखा है

बापू ने कहा भगवान के नामकरण संस्कार से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हम भी अपने बच्चों का नाम ऐसा रखें जिससे किसी महापुरुष की याद आए आजकल की इंग्लिश नाम का बापू ने व्यासपीठ से बहुत कड़ा विरोध किया

बाद में बापू ने कहा कि भगवान का जनेऊ संस्कार हुआ बापूजी ने कहा कि आजकल मनुष्य के जीवन में इतनी व्यस्तता है कि दो ही संस्कार बच्चे हैं विवाह संस्कार और अंतिम संस्कार सनातन धर्म की 16 संस्कारों में से हम 14 संस्कार तो भूल ही गए हैं बापूजी ने कहा कि यदि हम सनातनी हैं और सनातन धर्म में जन्मे हैं तो मैं तो हमें अपने संस्कारों का त्याग नहीं करना चाहिए साथ ही उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि हम अपने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ धर्म के भी संस्कार दें आजकल की पढ़ाई से हमें अधिकारी वर्ग तो बहुत मिल रहा है लेकिन स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति आज ढूंढ पाना मुश्किल है इसलिए अपने बच्चों में धर्म दें बच्चों में धर्म होगा तो धन अपने आप उसके पास आ जाएगा कल कथा के माध्यम से भगवान राम और माता सीता का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा कथा में आज मुख्य रूप से मुख्य यजमान श्रीमति प्रतिभा अनिल तिवारी शाखा अध्यक्ष शिवशंकर मिश्रा, सह यजमान0अशोक उपाध्याय,डाॅ. अजय तिवारी, सीताराम मिश्रा,मुन्ना पटेरिया, कमल तिवारी, राम जी दुबे अजय श्रीवास्तव,गोलू रिछारिया, राम अवतार पांडे,सुनील देव, मुन्ना चैबे, ष्याम तिवारी, श्रीमति नीति अनिल दुबे, रीतेष मिश्रा, मधुर पुरोहित, डाॅ तरुण बड़ोनिया, मधु गुरू दिनकर तिवारी, विद्या भूशण तिवारी, असंख्य दुबे, अरूण दुबे, कपिल उपाध्याय, आदित्य पांडे, लकी अग्निहोत्री, रामधाकड़, बलवंत यादव, श्रीकृश्ण हरी यादव, मनोज डेंगरे आदि उपस्थित रहे।

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