रिटायर्ड DSP के दामाद के फार्म हाउस पर मिली थी 52 किलो सोना और करोड़ों रुपयों से भरी कार

लोकमत सत्याग्रह / परिवहन विभाग के धनकुबेर पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का भ्रष्टाचार सामने आने के बाद पूरे देश में मध्य प्रदेश की छवि खराब हो रही है। जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब पता चल गया है कि भोपाल के मेंडोरी के जंगल में जिस फार्म हाउस पर 52 किलो सोना और रुपयों से भरी कार मिली है, वह किसका है।

  1. रिटायर्ड डीएसपी का दामाद है विनय हासवानी
  2. विनय हासवानी ने सौरभ शर्मा से भी है रिश्तेदारी
  3. ईडी की रेड के बाद रिश्तेदारों में मचा हड़कंप

ग्वालियर : परिवहन विभाग के धनकुबेर पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर लोकायुक्त पुलिस के छापे के बाद भोपाल के मेंडोरी के जंगल में जिस फार्म हाउस पर 52 किलो सोना और रुपयों से भरी कार मिली है, वह रिटायर्ड डीएसपी के दामाद विनय हासवानी का है। रिटायर्ड डीएसपी ग्वालियर के रहने वाले हैं। सौरभ रिटायर्ड डीएसपी का भी रिश्तेदार है।

इसे लेकर ग्वालियर के पुलिस महकमे में भी खूब चर्चा है। यह कार यहां तक कैसे पहुंची, किसकी अनुमति से कार यहां रखी गई, यह सारे सवाल अभी अनसुलझे हैं। जवाब खुद जांच एजेंसियां और भोपाल की रातीबड़ थाना पुलिस भी तलाश रही है।

रिटायर्ड डीएसपी की छोटी बेटी से हुई थी विनय की शादी

  • भोपाल स्थित मेंडोरी के जंगल में जहां सोने और करीब 10 करोड़ रुपये गाड़ी के अंदर मिले थे, वह जगह विनय हासवानी की ही बताई जा रही है। विनय ग्वालियर के रहने वाले रिटायर्ड डीएसपी के दामाद हैं।
  • रिटायर्ड डीएसपी की छोटी बेटी की शादी विनय से हुई है। सौरभ भी मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला है। सिर्फ रिटायर्ड डीएसपी के दामाद से ही यह तार नहीं जुड़ा, बल्कि सौरभ शर्मा भी रिटायर्ड डीएसपी की पत्नी की बहन का बेटा है।
  • रिश्ते में वह रिटायर्ड डीएसपी का भतीजा है। कुछ अन्य पुलिस अधिकारी भी सौरभ के रिश्तेदार हैं। उधर पत्नी दिव्या के बारे में बताया जा रहा था कि वह जबलपुर की है, लेकिन दिव्या का पूरा परिवार थाटीपुर इलाके में रहता है।

ईडी के छापे के बाद रिश्तेदारों में खलबली

ईडी ने सौरभ शर्मा के विनय नगर स्थित घर पर छापा मारा। यहां छापे के बाद रिश्तेदारों में भी खलबली है। सौरभ की काली कमाई के राजदार ग्वालियर में हैं। पता लगा है कि सिटी सेंटर स्थित घर से चेकपोस्ट की डील होती थी। इसके बाद सिटी सेंटर स्थित एक दुकान पर रुपया भी जमा होता था। यहां से सौरभ तक कलेक्शन पहुंचता था।

लोकायुक्त डीजी बोलेजानकारी नहीं

फार्म हाउस पर सोना और रुपए से भरी गाड़ी खड़ी मिली। फार्म हाउस संचालक से पूछताछ नहीं हुई है। इस संबंध में लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। नोटिस दिया गया है या नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।

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