कचरे को नष्ट करते समय चार एयर क्वालिटी इंस्ट्रूमेंट से होगी ‘हवा की निगरानी’

लोकमत सत्याग्रह / पीथमपुर के इंसीनरेटर प्लांट(Pithampur Plant) में यूनियन कार्बाइड के कचरे को नष्ट करने के दौरान एयर क्वालिटी की निगरानी की जाएगी। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने परिसर में चार एयर क्वालिटी इंस्ट्रूमेंट लगाए हैं। इसके अलावा, कंपनी द्वारा परिसर में एक वायु गुणवत्ता मापने के लिए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन भी लगाया गया है।

  1. मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने परिसर में लगाए हैं ये विशेष उपकरण।
  2. चिमनी से निकलने वाले धुएं में मौजूद गैसों की होगी सतत मॉनीटरिंग।
  3. कंपनी परिसर के सामने डिस्प्ले होगी एयर क्वालिटी की जानकारी।

 (Union Carbide Waste Disposal)। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के कचरे को नष्ट करते समय पीथमपुर के कचरा भस्मक संयत्र के आसपास वायु गुणवत्ता यंत्रों से हवा की निगरानी की जाएगी। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी के परिसर के चारों और चार यंत्र लगाए गए हैं।

इसके माध्यम से वायु में धूल कण के साथ, गैस व अन्य तत्वों की जांच की जाएगी। इसके अलावा कंपनी द्वारा परिसर में पहले ही एक वायु गुणवत्ता मापने के लिए कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन परिसर में लगा है। इसके आंकड़े 24 घंटे कंपनी मुख्य गेट पर

धुएं से निकलने वाली गैसों की मॉनीटरिंग

इंसीनरेटर के चिमनी से निकलने वाले धुएं से निकलने वाले गैसों की भी सतत मॉनीटरिंग होगी। ऐसे में कंपनी के परिसर के सामने रोड से गुजरने वालों को भी वायु गुणवत्ता की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी।

भोपाल में भी लगाए थे तीन

यदि परिणाम निर्धारित मानक सीमा में नहीं आते हैं तो प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा। गौरतलब है कि भोपाल में जब यूनियन कार्बाइड का कचरे को एकत्र कर लोड करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी तो वहां के परिसर में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन एयर क्वालिटी मीटर इंस्ट्रूमेंट लगाए थे।

यूनियन कार्बाइड के कचरे में हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण करने मिलाएंगे रसायन

यूनियन कार्बाइड के कचरे को इंसीनरेटर में डालने से पहले उसमें मौजूद हानिकारक तत्वों पर नियंत्रण के लिए अन्य रसायन मिलाए जाएंगे।

  • कचरे में मौजूद हेवी मेटल पर नियंत्रण के लिए मिलाएंगे : सोडियम सल्फाइड
  • वोलाटाइल आर्गेनिक कम्पाउंड (वीओसी) नियंत्रण के लिए: एक्टीवेटेड कार्बन
  • पीएच नियंत्रण के लिए : लाइम

विशेष लैंडफिल में रखा जाएगी कचरे की राख

पीथमपुर में रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी परिसर के जिस परिसर में यूका का कचरे को नष्ट किया जाएगा, जलाने के बाद बचने वाली राख को उसी परिसर में बनी लैंडफिल में डाला जाएगा।

परिसर में यूका के कचरे के लिए एक विशेष लैंडफिल बनाई गई है। इस सेल में डबल लेयर हाई डेंसिटी पालीथीन में रखा जाएगा। इस तरह वर्षों तक यह अवशेष सुरक्षित तरीके से लैंडफील में रहेगा।

चार सुरक्षित लैंडफिल सेल

गौरतलब है कि कंपनी के संयत्र में औद्योगिक व अन्य तरह के कचरों को नष्ट करने के बाद बचने वाली राख (अवशेष) को जमीन में रखने के लिए चार सुरक्षित लैंडफिल सेल बनाकर रखी है।

परिसर में पठारी हिस्से के ऊपर हिस्से पर यह लैंडफिल बनाई गई है। कंपनी के संयत्र में मप्र के अन्य शहरों के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य से कचरा नष्ट करने के लिए आता है।

भोपाल से 12 कंटेनर में पीथमपुर पहुंचे कचरे में मौजूद अवशेष

  • कुल मात्रा : 337 टन
  • अवशेष मिट्टी के साथ : 162 टन
  • रिएक्टर अवशेष : 29 टन
  • अर्ध प्रक्रिया अवशेष : 54 टन
  • नेपथलान : 92 टन

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