भोपाल के स्पा सेंटर्स में दी जाती थी मंथली मेंबरशिप, 5 हजार रुपये में अनलिमिटेड विजिट

लोकमत सत्याग्रह : भोपाल में पुलिस ने 15 स्पा सेंटर्स पर रेड मारी थी। यहां सभी जगह देह व्यापार चलाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार हर स्पा सेंटर में 100 से ज्यादा रजिस्टर्ड ग्राहक मिले हैं। इन सभी को पांच हजार रुपये में मंथली मेंबरशिप दी गई थी। लड़कियां इन्हें खुद फोन करके स्पा में बुलाती थीं।

भोपाल के स्पा सेंटरों में लंबे समय से चल रहे देह व्यापार की आखिरकार पुलिस को याद आई। करीब छह साल बाद शनिवार को क्राइम ब्रांच पुलिस ने शहर के चार स्पा सेंटरों पर छापेमार कार्रवाई की। इसमें 35 युवती और 33 युवकों पर चार अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किए गए।

पुलिस ने सभी आरोपितों को देर रात मुचलके पर छोड़ दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि बागसेवनिया, एमपीनगर और नेहरू नगर के जिन चार स्पा सेंटरों पर छापेमारी कार्रवाई हुई थी, वहां 100 से ज्यादा रजिस्टर्ड ग्राहक थे। हर ग्राहक को पांच हजार रुपये में एक महीने की मेंबरशिप दी जाती थी। यहां ग्राहकों को अनलिमिटेड विजिट की सुविधा दी गई थी।

ग्राहकों को फोन कर स्पा सेंटर बुलाया जाता था

छापेमार कार्रवाई के दौरान पुलिस को बागसेवनिया स्थित ग्रीनवैली, मानसरोवर काम्पलेक्स में संचालित नक्षत्र, एमपीनगर के मिकाशो और नेहरूनगर स्थित वैलनेस सेंटर के कंप्यूटर और रजिस्टरों में ग्राहकों की जानकारी मिली है।

स्पा सेंटर में काम करने वाली युवतियां उन्हें फोन कर बुलाती थीं। पुलिस से पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे सालों से देह व्यापार के दलदल में फंसी हैं। अधिकतर युवतियां भोपाल और आसपास के शहर विदिशा, सीहोर, रायसेन और बैतूल समेत कई छोटे शहरों से आई हैं।

सामने आया है कि कुछ युवतियां अनाथ भी थीं, जिसके चलते कम उम्र में ही उन्हें अनैतिक व्यापार से जोड़ दिया गया था। एमपी नगर स्थित मिकाशो स्पा सेंटर की संचालिका ने पुलिस को बताया कि एक युवती को आठ से दस हजार रुपये की तनख्वाह दी जाती है।

स्पा सेंटर्स के काउंटर से मिले रुपये

पुलिस की छापेमार कार्रवाई में स्पा सेंटरों से देह व्यापार से अर्जित रुपये भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने स्पा सेंटर के काउंटरों से हजारों रुपये बरामद किए हैं। साथ ही अनैतिक गतिविधियों में उपयोग आपत्तिजनक वस्तुएं भी मिली हैं। पुलिस ने आरोपितों के मोबाइलों की जांच की है। जिसमें ग्राहकों से बातचीत का भी पता चला।

आखिर पुलिस से कैसे छुपा रहा देह व्यापार?

स्पा सेंटरों में व्यापाक रूप से चल रहे देह व्यापार पर छह साल बाद क्राइम ब्रांच की यह छापेमार कार्रवाई शहर की थाना पुलिस पर प्रश्न खड़े कर रही है। इन छह वर्षों में एक बार महिला थाना पुलिस ने शाहपुरा में कार्रवाई की थी और करीब तीन साल पहले एमपीनगर पुलिस ने स्पा सेंटर में दबिश दी थी।

इसके बाद से पुलिस देह व्यापार पर आंखे मूंदे बैठी रही। सभी स्पा सेंटर संबंधित थानों से महज एक से दो किलोमीटर दूर बीच बाजारों में संचालित थे, आखिर सालों से चला आ रहा यह अनैतिक व्यापार पुलिस से कैसे छुपा रहा। यदि पुलिस को छह साल बाद इस तरह की गतिविधियों का पता चलता है, तो यह सवाल उठता है कि क्या पहले से इन स्थानों पर निगरानी नहीं की जा रही थी।

पुलिसकर्मियों पर उठाए गए सवाल

स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे देह व्यापार में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार जांच में बागसेवनिया थाना पुलिस के दो पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका पाई गई है।

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद पुलिस आयुक्त ने संबंधित डीसीपी को बागसेवनिया, कमलानगर और एमपीनगर थाना पुलिस की लिप्तता की जांच के निर्देश दिए हैं। यदि कोई पुलिसकर्मी की इस व्यापार में भूमिका पाई जाती है तो उस पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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