लोकमत सत्याग्रह : जो व्यक्ति चाणक्य के नियम का पालन करता है उसे सफलता, खुशी और सम्मान मिलता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के जरिए बताया है कि किस मोड़ पर चुप नहीं रहना चाहिए बल्कि खुलकर अपनी बात कहनी चाहिए, तो आज हम आपको इसी विषय के बारे में बता रहे हैं।
आचार्य चाणक्य को भारत के महान ऋषियों और विद्वानों में से एक माना जाता है, उनकी नीतियां पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं, जिन्हें चाणक्य नीति के नाम से जाना जाता है, आचार्य चाणक्य ने मानव जीवन से जुड़े हर पहलू पर अपनी नीतियां बताई हैं। जो व्यक्ति चाणक्य के नियम का पालन करता है उसे सफलता, खुशी और सम्मान मिलता है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों के जरिए बताया है कि किस मोड़ पर चुप नहीं रहना चाहिए बल्कि खुलकर अपनी बात कहनी चाहिए, तो आज हम आपको इसी विषय के बारे में बता रहे हैं।
जहां अन्याय हो वहां चुप नहीं रहना चाहिए
चाणक्य के अनुसार जहां अन्याय हो वहां कभी चुप नहीं रहना चाहिए बल्कि खुलकर अपनी बात कहनी चाहिए। यहां चुप रहना हमारे सिद्धांतों से समझौता होगा।
जब कोई आपका अधिकार छीन रहा हो
जब कोई आपका हक छीन रहा हो तो कभी चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी बात कहनी चाहिए, यहां चुप रहना आपकी मूर्खता होगी।
जब बात धर्म और अधर्म की आती हो
चाणक्य नीति के अनुसार, जब धर्म और अधर्म की बात आती है तो आपको चुप नहीं रहना चाहिए। क्योंकि जब आप धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म आपकी रक्षा जरूर करेगा।
सत्य का पक्ष लें
- चाणक्य नीति के अनुसार जब अपनों की बात आए तो चुप नहीं रहना चाहिए बल्कि अपनी बात जरूर रखनी चाहिए। रिश्तों के बारे में चुप मत रहो, बल्कि अपने रिश्तों के लिए बोलना जरूरी है।
- आचार्य चाणक्य के अनुसार सत्य का पक्ष लेने में कभी संकोच न करें। सच बोलना न सिर्फ आपकी जिम्मेदारी है बल्कि समाज को सही दिशा में ले जाने का भी हिस्सा है।
- चाणक्य के अनुसार जीवन में लक्ष्य की प्राप्ति के लिए संघर्ष और लगन जरूरी है। चुप रहने और अवसरों को गंवाने से बेहतर है कि बोलें और अपने सपनों की दिशा में पूरी ताकत से काम करें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए लोकमत सत्याग्रह उत्तरदायी नहीं है।


