100 साल पुरानी सराफा बाजार की सुरक्षा के लिए प्रशासन का कदम

लोकमत सत्याग्रह /दमोह : पीडब्ल्यूडी विभाग ने 100 साल पुरानी सराफा बाजार की दो मंजिला बिल्डिंग को कंडम घोषित किया था। भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा यहां के दुकानदारों से दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जिससे यह पता चल सके कि कितने दुकानदारों का यहां वास्तविक मालिकाना हक है।

दमोह जिले के हृदय स्थल घंटाघर के पास स्थित 100 साल पुरानी सराफा बाजार की दो मंजिला बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। जिसके चलते तीन दिसंबर को नगर पालिका द्वारा यहां के 56 सराफा दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए थे। जिसमें कहा गया था कि उनके पास दुकान की लीज या स्वामित्व संबंधी जो भी दस्तावेज उपलब्ध हैं, वह 15 दिन के अंदर नगर पालिका में उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए 19 दिसंबर तक का समय दिया गया था। लेकिन, पूरा महीना बीतने के बाद भी अधिकांश दुकानदारों ने अपने दस्तावेज जमा नहीं कराए हैं। सीएमओ का कहना है कि अभी नगर पालिका के पास एक भी दस्तावेज जमा नहीं हुए हैं, जबकि दुकानदारों का कहना है कि करीब 15 दुकान मालिकों के दस्तावेज जमा हो चुके हैं, शेष के दस्तावेज जल्द ही एक साथ जमा कर दिए जाएंगे। 
दरअसल, पीडब्ल्यूडी विभाग ने 100 साल पुरानी सराफा बाजार की दो मंजिला बिल्डिंग को कंडम घोषित किया था। भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा यहां के दुकानदारों से दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जिससे यह पता चल सके कि कितने दुकानदारों का यहां वास्तविक मालिकाना हक है। तीन साल पहले भी नगर पालिका द्वारा इन दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए थे। उस समय नगर पालिका ने इस बिल्डिंग की जगह नया कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। जिससे यहां की सड़क चौड़ी हो सके और दुकानदारों को भी व्यवस्थित रूप से पक्की दुकानें उपलब्ध हो सकें। इसके लिए सराफा दुकानदारों को भवन खाली करने के लिए भी नोटिस दिया गया था, जिसके लिए उन्हें एक महीने की मोहलत दी गई थी। लेकिन, उस समय कार्रवाई को रोक दिया गया था। नए कॉम्प्लेक्स बनाने की प्रक्रिया फाइलों में ही कैद होकर रह गई। अब इस बिल्डिंग को लेकर दोबारा योजना बनाई जानी है।

कॉम्प्लेक्स बनने से चौड़ी हो जाएगी सड़क
सराफा बाजार की दुकानों के बाहर मुख्य सड़क की चौड़ाई महज 20 फीट है। दुकानों के बाहर बाइक व अन्य वाहन खड़े होने से यह सड़क दोपहर में केवल 15 फीट की रह जाती है। ऐसे में इस मार्ग पर दिन भर यातायात बाधित रहता है। चार पहिया वाहनों की क्रॉसिंग के दौरान जाम लग जाता है। खास बात यह है कि यह सड़क सबसे व्यस्ततम मार्ग है। इसी मार्ग से धरमपुरा, बजरिया वार्ड, पुराना थाना, सिटीनल, असाटी वार्ड सहित एक दर्जन वार्डों के लोग मुख्य बाजार के लिए आते-जाते हैं। जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही दिनभर बनी रहती है। इसके चलते यहां पर नया कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई गई थी, जिससे यहां पर करीब 30 फीट चौड़ी जगह निकल सके, जिससे शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही कॉम्प्लेक्स बनने के बाद दुकानदारों को भी पक्की दुकानों में शिफ्ट किया जा सकेगा।


किसी ने भी उपलब्ध नहीं कराए वैध दस्तावेज
नगर पालिका सीएमओ प्रदीप शर्मा का कहना है कि सराफा बाजार के सभी दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकान संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन महीना बीतने के बाद भी कोई दुकानदार अपने दस्तावेज लेकर नगर पालिका नहीं आया है। जल्द ही प्रशासन के साथ मिलकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। शहर के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, वह किया जाएगा।


कुछ लोगों ने दस्तावेज जमा किए
सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी का कहना है कि 15 दुकानदारों ने अपने दस्तावेज आवक-जावक शाखा में जमा कर दिए हैं। शेष दुकानदार अपने-अपने दस्तावेज एकत्रित कर रहे हैं, जिन्हें एक साथ जमा कराया जाएगा। अभी बिल्डिंग अच्छी हालत में है। हम लोग भी समय-समय पर मरम्मत करा देते हैं। इन्हीं दुकानों से सभी दुकानदारों के परिवार चल रहे हैं।

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