लोकमत सत्याग्रह : ठंड में बिना कान ढंके बाइक चलाना खतरनाक हो सकता है। ठंडी हवा कानों में खून के प्रवाह को प्रभावित करती है, जिससे सुनाई देने में समस्या उत्पन्न हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या स्थायी बहरेपन का कारण बन सकती है।
HIGHLIGHTS
- ठंडी हवा कानों में खून का प्रवाह प्रभावित करती है।
- ठंडी हवा से यूस्टेशियन नली में दबाव बढ़ जाता है।
- वायरस ठंडी हवा के साथ कानों तक पहुंच सकते हैं।
ठंड के मौसम में बाइक चलाते समय बिना कान और नाक को ढंके बाहर जाना खतरनाक साबित हो सकता है। ठंडी हवा के कारण कानों में सुनाई देने की समस्या पैदा हो सकती है, जो समय पर इलाज न मिलने पर बहरेपन का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या तेज हवा के प्रभाव से होती है, जिससे कानों में खून का प्रवाह प्रभावित हो जाता है। ठंडी हवा नाक और कान के रास्ते शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सर्दी, जुखाम और अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
कान खोलकर बाइक चलाना – क्यों है खतरनाक?
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में बाइक चलाते वक्त अगर कानों को ढंका नहीं जाता, तो हवा सीधी कानों में प्रवेश करती है। कानों के अंदर काक्लियर धमनी होती है, जो ठंड में सिकुड़ सकती है।
इसके कारण खून का प्रवाह कम हो जाता है और कान का न्यूरो एपीथिलियम खराब हो सकता है। इससे अचानक सुनाई देना बंद हो सकता है और कभी-कभी यह समस्या स्थायी हो सकती है।
यूस्टेशियन नली और ठंडी हवा का प्रभाव
- नाक और कान के बीच में यूस्टेशियन नली होती है, जो मध्य कान में वायु का दबाव संतुलित करती है। अगर ठंडी हवा बिना कान ढंके सीधी नली में प्रवेश करती है, तो इससे दबाव बढ़ जाता है। कभी-कभी वेक्यूम भी बन सकता है। इससे कान का पर्दा सिकुड़ जाता है और सुनाई देने में समस्या हो सकती है।
- ठंड में वायरस भी अधिक सक्रिय रहते हैं। हवा के साथ यह वायरस यूस्टेशियन नली में पहुंच सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है। कान में दर्द और कम सुनाई देने की समस्या हो सकती है।
ठंडी और गर्म हवा का असर कानों पर
- डॉक्टरों के अनुसार ठंडी और गर्म हवा दोनों ही कानों के लिए हानिकारक हो सकती है। ठंडी हवा से यूस्टेशियन नली और काक्लियर धमनी प्रभावित होती है, जिससे सुनाई देने में समस्या होती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर हो सकती है और बहरेपन का कारण बन सकती है।
- खासकर ठंड के मौसम में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि इस दौरान लोग बाइक चलाने में बाहर जाते हैं और कानों को ठीक से ढकते नहीं हैं।
सावधानी बरतें – कानों को ढक कर बाइक चलाएं
- डॉ. सुनील शर्मा, नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ ग्वालियर का कहना है कि ठंड और गर्म हवा दोनों ही कानों के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
- बाइक चलाते समय यदि हवा तेजी से कानों में प्रवेश करती है, तो कानों को ढंक कर ही बाइक चलाना चाहिए। इससे कानों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और ठंडी हवा के प्रभाव से बचाव होता है।


