मकर संक्रांति पर जरूरतमंदों को दिया दान-भोजन पशुओं को खिलाया चारा, पतंगबाजी का लिया मजा

लोकमत सत्याग्रह / विजय द्विवेदी / चिराखान।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह देखा गया। लोगों ने सुबह तिल व गुड़ व वस्त्रों का दान देकर इस पर्व के धार्मिक महत्व को निभाया। वहीं समाजसेवी व दानी लोगों ने गरीबों को कंबल, वस्त्र व अन्य जरुरतों का सामान दिया। मकर संक्रांति पर दिनभर मंदिरों में भजन, हवन व प्रसाद बांटा गया। एवं हर उम्र के लोग इस उत्साह व उमंग के प्रतीक पर्व पर पतंगें उड़ाते रहे। कटी हुई पतंग को लूटने का उन्माद भी देखा गया। मंगलवार सुबह से लेकर शाम तक इस उपलक्ष्य में आयोजन होते रहे। गोशाला में गायो को हरा चारा एवं पुरीयां खिलाई।इस अवसर पर पं. विकास शर्मा ने मकर संक्रांति का आध्यात्मिक रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि जब नई फसल आती तो खुशियां मनाते हैं, उसी प्रकार वास्तविक और अविनाशी खुशी प्राप्त होती है। बुराइयों का त्याग करने से इस दिन खिचड़ी और तिल का दान करते हैं। इसका भाव यह है कि मनुष्य के संस्कारों में अवगुणों की मिलावट हो चुकी है अर्थात उसके संस्कार खिचड़ी हो चुके हैं जिन्हें परिवर्तन करके अब दिव्य संस्कार धारण करने हैं। इस मौके पर लोगो ने मकर संक्रांति का शुभ संदेश दिया एवं लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी। में गायों को चारा डालकर जलेबीयां खिलाई गई।

Leave a comment