लोकमत सत्याग्रह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हुई। 14 फरवरी, मंगलवार को पहला शाही स्नान (अमृत स्नान) हो रहा है। सनातन की मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के दौरान मकर संक्रांति पर डुबकी लगाने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।
HIGHLIGHTS
- धर्म ध्वजा के साथ बारी-बारी से अखाड़ों ने किया स्नान
- दिनभर में 5 करोड़ लोगों के डुबकी लगाने का अनुमान
- मकर संक्रांति पर्व पर 10 घंटे तक होगा अमृत स्नान
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कल से शुरू हुए महाकुंभ में आज पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) हो रहा है। ब्रह्म मुहूर्त से साधु संतों के साथ ही आम भक्तों के संगम में डुबकी लगाने का क्रम जारी है।
सुबह 10 बजे तक 1.38 करोड़ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी और 12 बजे यह आंकड़ा 1.60 करोड़ पहुंच गया।दिनभर में 4-5 करोड़ लोगों से डुबकी लगाने की उम्मीद है। पहले अमृत स्नान की शुरुआत 13 अखाड़ों के शाही स्नान के साथ हुई। हर अखाड़े के अमृत स्नान के लिए 30 से 40 मिनट का समय लगा। पहले अखाड़ों से स्नान किया, जिसके बाद आम भक्तों ने डुबकी लगाई।


