CM मोहन बोले- सिंहस्थ में शिप्रा के जल से ऋषि-मुनि करेंगे स्नान

सार

लोकमत सत्याग्रह : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को उज्जैन प्रवास के दौरान रतनखेड़ी से आते समय सदावल हेलीपैड पर उतरे और उन्होंने सदावल हेलीपैड की कार्य योजना को भी देखा।

बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह अद्भुत क्षण आया है। इस ऐतिहासिक क्षण के लिए हम बाबा महाकाल का आभार मानते हैं और उनके आशीर्वाद से ही यह आज संभव हो पाया है। यह परियोजना दो साल में पूरी हो जाएगी और मां शिप्रा के जल से समस्त उज्जैनवासियों को पेयजल की सुविधा भी मिलेगी। किसानों को सिंचाई का पानी भी उपलब्ध होगा और पवन पावनी मां शिप्रा प्रवाहमान रहेगी। पावन पावनी मां शिप्रा को प्रवाहमान बनाए रखने के लिए यह परियोजना अति आवश्यक थी। इस परियोजना के माध्यम से सिंहस्थ 2028 में मां शिप्रा के जल से ही श्रृषि, मुनि, संत और गुरु महाराज स्नान करेंगे। यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 614 करोड़ की सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का शिप्रा घाट पर भूमिपूजन और शिलालेख के अनावरण के दौरान कही। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मां क्षिप्रा का जल और दुग्ध अभिषेक कर पूजन-अर्चन चुनरी भेंट की और मां शिप्रा का आशीर्वाद लिया।

https://www.youtube.com/embed/7kG43FEAlmk प्रवास के दौरान दत्त अखाड़ा क्षेत्र स्थित आश्रम पहुंचे और महंत गुरु सुंदर जी महाराज के श्री चरणों में नमन किया और उनका आशीर्वाद लिया। गुरु संत श्री सुंदर महाराज द्वारा उज्जैन को पवित्र नगरी घोषित करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टटवाल, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, बहादुर सिंह बोर मुडला और अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन प्रवास के दौरान रतनखेड़ी से आते समय सदावल हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर से उतरे और उन्होंने सदावल हेलीपैड की कार्य योजना को भी देखा। हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदावल हेलीपैड की जानकारी ली। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने सदावल हेलीपैड के बारे में बताया कि यह 13 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहा है और इसमें चार हेलीपैड बनाए जा रहे हैं, जो 75 मीटर तक के हैं। इसके साथ ही चारों तरफ बाउंड्रीवॉल रहेगी और इसके साथ ही वेटिंग रूम भी बनाया जाएगा। अतिथि कक्ष भी इस हेलीपैड पर रहेगा, सिंहस्थ 2028 के लिए यह हेलीपैड बहुत ही उपयोगी होगा।of 5 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गोशाला पहुंचकर वेद ऋचाओं की गूंज के बीच गऊ पूजन के लिए बनाए जा रहे गोमाता मंदिर सेवा स्थल का भूमिपूजन किया। उन्होंने भूमिपूजन पश्चात गोशाला में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दी गई 3.5 करोड़ की निधि से नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे गऊ माता के लिए शेड, सार्वजनिक शौचालय एवं अन्य प्रगतिरत विकास कार्यों का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2024 को गऊ संवर्धन वर्ष घोषित किया था।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सरकार का लक्ष्य सभी गोवंशों का संरक्षण एवं संवर्धन कर आवारा गोवंश से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, देशी नस्ल की गायों का उन्नयन, जैविक खाद से ऑर्गेनिक कृषि को बढ़ावा देना है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गोसंरक्षण एवं संवर्धन के लिए गोवंश आहार अनुदान दोगुना किया है। अब पंजीकृत गोशाला के पशुओं का प्रतिदिन 40 रुपये आहार अनुदान दिया जा रहा है।

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