लोकमत सत्याग्रह : राजधानी शिमला में जल्द ही एक दूसरे रोपवे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसको बनाने के लिए रोपवे ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन ने टेंडर जारी कर निविदाएं मांगी हैं। 31 जनवरी को टेंडर खुलने के बाद कंपनी को काम सौंप दिया जाएगा। इसके निर्माण में 1734.40 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बाद चुनी गई कंपनी को काम आवंटित कर दिया जाएगा। यह रोपवे शहर के 15 स्टेशनों को जोड़ेगा।
- रोपवे को बनाने में खर्च होंगे 1734 करोड़ रुपये
- 15 मिनट में तय कर सकेंगे 13.79 किलोमीटर का सफर
- 31 जनवरी को टेंडर खुलने के बाद संबंधित कंपनी को मिलेगा काम
राजधानी शिमला में विश्व का दूसरा और भारत व एशिया का सबसे लंबा रोपवे यानि रज्जू मार्ग बनाने के लिए कवायद तेज हो गई है।
हिमाचल प्रदेश रोपवे ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन (आरटीडीसी) रोपवे कॉरपोरेशन ने इसके लिए टेंडर जारी कर निविदाएं मांगी है। 31 जनवरी को इसका टेंडर खुलेगा। इसके बाद चयनित कंपनी को काम आवंटित कर दिया जाएगा। इस रोपवे की खास बात यह है कि यह विश्व का दूसरा और भारत व एशिया का सबसे लंबा रोपवे होगा।
1734.40 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा रोपवे
तारादेवी से शिमला के बीच बनने वाले रोपवे की लंबाई 13.79 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 1734.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रोपवे से शिमला शहर के 15 स्टेशन को जोड़ेगा।
निगम ने इसके टेंडर में कुछ बदलाव किए हैं। जो कंपनी इसका निर्माण करेगी अगले पांच सालों तक वह इसकी मरम्मत (मेंटिनेस)का काम भी देखेगी। रोपवे से लोग 12 से 15 मिनट के भीतर 13.79 किलोमीटर का सफर तय कर सकेंगे।
न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) से वित्त पोषित इस प्रोजेक्ट पर 20 प्रतिशत बजट प्रदेश सरकार खर्च करेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम ने कहा कि इसके लिए टेंडर जारी किया गया है। 31 को टेंडर खुलेगा उसके बाद कंपनी को काम सौंप दिया जाएगा।
यह हैं इस प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदू
इस प्रोजेक्ट की खास बात है कि एक घंटे में दो हजार लोग इससे सफर कर सकेंगे। रज्जू मार्ग में एक तरफ से एक हजार लोगों की आवाजाही शुरुआती तौर पर रहेगी। दोनों तरफ से दो हजार लोग एक घंटे में सफर कर पाएंगे।
गंढोले पर होंगे सोलर पैनल
इस प्रोजेक्ट को हरित ऊर्जा के लिए जोड़ा जाएगा। जहां पर स्टेशन स्थापित होंगे वहां भी सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। साथ ही गंढोले (कैबिन जिसमें यात्री सफर करेंगे) पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक ऊर्जा का प्रयोग किया जा सके।
यहां चिह्नित किए गए हैं रोपवे के बोर्डिंग स्टेशन
तारा देवी, चक्कर, टुटीकंडी पार्किंग, आइएसबीटी, 103 टनल, रेलवे स्टेशन, विक्ट्री टनल, ओल्ड बस स्टैंड, आइसीआर, लक्कड़ बाजार, आइजीएमसी, संजौली, नवबहार, सचिवालय व लिफ्ट के पास रोपवे के बोर्डिंग स्टेशन चिन्हित किए गए हैं।


