खुशियों की दास्तांसंतरे की खेती से कृषक कैलाश पाटीदार ने खोले समृद्धि के द्वारअब तक 70 लाख का मुनाफा कमाया

लोकमत सत्याग्रह,आगर-मालवा,- अब्दुल शफीक खान

आगर-मालवा, 30 जनवरी। आगर मालवा जिले की पहचान मीठे एवं रसीले संतरे से है, संतरा फसल ‘‘एक जिला एक उत्पाद’’ के रूप में चयनित है, जिसे अपनाकर जिले के किसान सफलता की नई ईबारत लिख रहे है।
उन्हीं कृषकों में आगर जिले के ग्राम पचलाना के कृषक कैलाश पाटीदार है, जिन्होंने संतरे की खेती से प्रतिवर्ष अच्छी आय प्राप्त कर अपना और अपने परिवार का जीवन स्तर कई गुना बढ़ाया है, आज वे किसी पहचान के मोहताज नहीं है, रसीले और मीठे संतरे ने आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलकर पूरी तरह मिठास से भर दिया है।
कृषक कैलाश पाटीदार बताते है कि उनके पास 32 बीघा जमीन है, जिसमें वे परंपरागत गेहूं एवं चना की फसल उगाया करते थे, अत्यधिक लागत और बचत कम होने से खेती लाभ का धंधा न बनकर घाटे का सौदा साबित हो रही थी। खेती लाभ का धंधा बने इसके लिए आज से 30-32 वर्ष पहले संतरे की फसल को अपनाया था, शुरुआत के 5-6 साल के बाद संतरा के बगीचे ने उत्पादन देना शुरू कर दिया था, वर्तमान में 8 बीघा में संतरा फसल लगी है, जिससे प्रतिवर्ष 5-6 लाख रुपए का शुद्ध मुनाफा होता है। संतरे के बगीचे से अबतक लगभग 70 लाख से अधिक मुनाफा हो चुका है। कृषक पाटीदार बताते हैं कि उन्हें उद्यानिकी विभाग से संतरा जीर्णोद्धार योजना का लाभ मिला है तथा समय-समय पर विभागीय अधिकारियों का तकनीकी मार्गदर्शन भी मिल रहा है जिससे वह संतरा फसल से अच्छा और गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन ले रहे हैं।

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