शासन की मान्यता नीति का प्रदेश स्तरीय विरोध

सिवनी जिले के 350 से अधिक अशासकीय स्कूलों में लटका रहा ताला

संगठन ने दिखाई शक्ति, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

लोकमत सत्याग्रह / वीरेंद्र ठाकुर / सिवनी – शासन की मान्यता नीति के विरोध में प्रदेश स्तरीय प्राइवेट संगठनों और संचालकों के आह्वान पर 30 जनवरी को जिले के लगभग 350 स्कूलों में ताला लटका रहा। जिले के छपारा, लखनादौन, बरघाट, केवलारी, घंसौर, लखनादौन, धनौरा और कुरई विकासखंड के लगभग सभी प्राइवेट विद्यालय पूरी तरह बंद रहे।

इस संबंध में प्राइवेट स्कूल संगठनों के पदाधिकारीयों ने बताया कि प्रदेश शासन के द्वारा भवन रजिस्टर्ड किरायानामा एफ डी की मांग की गई हैं। यह शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाना संभव नहीं हैं। उक्त संबंध में मध्य प्रदेश शासन के शिक्षा मंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया गया। पांच सूत्रीय ज्ञापन में एफडी किरायानामा को समाप्त कर अन्य मांगे रखी गई, संगठन की पदाधिकारी की माने तो राज्य सरकार द्वारा ऐसे नियम लागू की गए हैं जिनके लागू होने से जिले के कई प्राइवेट स्कूल बंद हो जाएंगे इस संबंध में सिवनी जिले के समस्त प्राइवेट विद्यालय संगठनों ने शिक्षा मंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम पर डीपीसी महेश बघेल को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा हैं।

यह रहीं प्रमुख मांगे

रजिस्टर्ड किरायानामा की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

30 से ₹40 हजार की एफडी की अनिवार्यता को खत्म किया जाए।

प्रशिक्षित शिक्षकों की पूरी तरह से अनिवार्यता को समाप्त कर आधे प्रशिक्षित शिक्षकों को लेकर मान्यता प्रदान की जाए

पिछले सत्रों का और वर्तमान सत्र का आरटीई का भुगतान मार्च 2025 तक किया जाए

फर्म एवं समिति कार्यालय जबलपुर में अनावश्यक मांगी जा रही रिश्वत को समाप्त कर भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए।

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