शिक्षा और संस्कार का संगम है सरस्वती शिशु मंदिर–मोहन सिंह राठौर

वार्षिक उत्सव में बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां………

लोकमत सत्याग्रह / जीतेन्द्र ओझा / भितरवार।नगर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक मोहन सिंह राठौर, अध्यक्षता महर्षि अरविन्द शिक्षा प्रसार समिति अध्यक्ष रामस्वरूप दुबे ने की विशिष्ट अतिथि नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेंद्र रावत, थे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजेश शुक्ला जिला प्रतिनिधि एवं सदस्य सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान भोपाल थें। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया गया।वार्षिक उत्सव के दौरान बच्चों द्वारा कई लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां दी।इस मौके पर अपने संबोधन में विधायक मोहन सिंह राठौर ने कहा की शिक्षा और संस्कार का संगम है सरस्वती शिशु मंदिर की संस्था,विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर छात्रों को शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक दृष्टि से विकसित करती है ताकि ऐसे युवा पीढ़ी का निर्माण हो सके,जो संस्कारवान एवं राष्ट्रहित से ओतप्रोत हो।आगे उन्होंने कहा की शिक्षा में संस्कार का होना अति आवश्यक है। कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर ऐसा शिक्षण संस्थान है जहां बच्चों को सुबह उठने से लेकर रात के सोने तक के मंत्र सिखाए जाते हैं, जो बच्चों के जीवन में अनुशासन और संस्कार की नींव डालते हैं। सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं।कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर सामाजिक शिक्षण संस्थान है, जहां बच्चों के लिए शिक्षा के साथ राष्ट्रभक्त, समाज के प्रति उनका दायित्व, वैदिक मंत्र उच्चारण तथा अनुशासन सहित शारीरिक आधुनिक तकनीकी शिक्षा दी जाती है। वार्षिक उत्सव में भी बच्चों द्वारा जो सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए उनमें भी समाज के लिए संदेश है। ऐसे शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले बच्चे देश में रहें चाहे विदेश में रहें, अपने माता-पिता अपने क्षेत्र तथा स्कूल का नाम रोशन करते हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष रामस्वरूप दुबे ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर गैर सरकारी संस्था है, इसे शासन के द्वारा किसी प्रकार से कोई अनुदान प्राप्त नहीं होता हैं। यहां छात्र-छात्राएं अपने माता पिता के भावी आशाओं के अनुरूप तैयार होते हैं।यहां के शिक्षा पद्वति का शिक्षा के जगत में एक विशिष्ट पहचान है विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर पूरे देश में संचालित है, जो दूरस्थ अंचलों, नगर एवं ग्रामों में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं। प्राथमिक से लेकर उच्चर माध्यमिक तक शिक्षण संस्था संचालित हो रही है।यहां के आचार्य, दीदी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।इस मौके पर मुख्य वक्ता ने राजेश शुक्ला ने प्रेरणादाई उद्बोधन दिया। मंचासीन अतिथियों का परिचय प्राचार्य श्री राम मोहन श्रीवास्तव ने कराया। मंचासीन अतिथियों द्वारा कक्षा 5 ,8 एवं 10 में विद्यालय में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले भैया/ बहिनों को सम्मानित किया गया।लगभग 450 अभिभावकों ने कार्यक्रम में उपस्ति होकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय का प्रतिवेदन प्राचार्य से राम मोहन श्रीवास्तव द्वारा रखा गया।कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य राधेश्याम शर्मा ने किया एंव आभार विद्यालय के व्यवस्थापक श्रीमान ओमप्रकाश जी मोदी द्वारा किया गया।इस मौके पर प्रधानाचार्य राममोहन श्रीवास्तव, ओमप्रकाश मोदी, प्रदीप माहेश्वरी संतोष यादव, महेश चंद्र जैन, सुरेश उपाध्याय मामा पांडे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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