बल्देवगढ़ तहसील में फर्जी पट्टे बनाने वाले दोषीअधिकारी-कर्मचारियों पर होगी FIR

लोकमत सत्याग्रह,टीकमगढ़,जिला ब्यूरो/मनोज सिंह

कमिश्नर ने फर्जी व अवैध प्रविष्टियों को निरस्त कर भूमि को शासकीय दर्ज करने दिए निर्देश

टीकमगढ़। बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र में शासकीय जमीन के फर्जी पट्टे बनाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद कमिश्नर ने दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए, लेकिन जिम्मेदारों को अधिकारी संरक्षण दे रहे हैं।
आदेश के 17 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। मामले में 5 फरवरी को अपर कलेक्टर ने बल्देवगढ़ एसडीएम को आदेश जारी किया। जिसमें आज ही एफआईआर दर्ज कराकर सूचित करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। मामले सामने आने के बाद अधिकारी कुछ भी बताने से बच रहे हैं। अपर कलेक्टर द्वारा 5 फरवरी को जारी आदेश के अनुसार कमिश्नर ने 22 जनवरी को आदेश जारी किया है। जिसमें फर्जी व अवैध प्रविष्टियों को निरस्त करने एवं संबंधित भूमियों को शासकीय दर्ज करने, दोषी
अधिकारी-कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसलिए मूल प्रकरण समस्त संलग्नकों के साथ बल्देवगढ़ एसडीएम को भेजा है। जिसमें अपर कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि कमिश्नर के आदेशानुसार प्रतिवेदन व आदेश में वर्णित समस्त भूमियों को तत्काल मप्र शासन दर्ज करें। तहसीलदार बल्देवगढ़ की दायरा पंजी में दर्ज अवैध प्रविष्टियों को पंजी पर निरस्त करें एवं जिन अधिकारी-कर्मचारियों की इस कार्य में संलिप्तता पाई जाए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर आज ही अपर कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय को सूचित करें। हद तो यह है कि पत्र जारी होने के दिनांक में ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है। मामले में बल्देवगढ़ एसडीएम भारती देवी मिश्रा का कहना है कि अभी मैं बाहर हूं। इसलिए कुछ नहीं बता सकती हूं। सूत्रों की मानें तो शासकीय जमीन के फर्जी पट्टे जारी करने में मैदानी अमले, कार्यालयीन स्टाफ व अधिकारी शामिल हैं।
जांच में लिपिकों से लिए जवाब, फिर दिए आदेश
मामला बल्देवगढ़ तहसील क्षेत्र में फर्जी पट्टे बनाने का है। जिसकी शिकायत आने पर कमिश्नर ने जांच कराई है।
शिकायत की जांच में ओमप्रकाश नापित सहायक वर्ग-3 तत्कालीन लिपिक तहसील बल्देवगढ़ हाल पदस्थ तहसील कार्यालय टीकमगढ़ एवं भगवत प्रसाद अहिरवार तत्कालीन लिपिक तहसील बल्देवगढ़ हाल पदस्थ तहसील लिधौरा से जवाब लिया गया है। इसके बाद कमिश्नर ने फर्जी व अवैध प्रविष्टियों को निरस्त करने एवं संबंधित भूमियों को शासकीय दर्ज करने, दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

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