लोकमत सत्याग्रह/जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी/चिराखान। भोलेनाथ बड़े निरंकारी व शाश्वत है।भगवान शिव हमेशा प्रकृति प्रेमी देवता रहे हैं उन्होंने सदा प्रकृति को अपने पास व स्वयं प्रकृति के बीच रहे हैं। ऐसे वीरान व सुनसान पथरीले भूभाग को हरियाली से आच्छादित कर वनस्पति व पर्यावरण की रक्षा का जो पुनीत कार्य यह समिति कर रही है वह जनमानस के लिए प्रेरक व वंदनीय है।
उक्त बात महाशिवरात्रि के अवसर पर उडेश्वर महादेव समिति द्वारा रजत जयन्ती एवं शिखर निर्माण कार्य प्रारंभ अवसर एवं सम्मान समारोह अवसर पर धार जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष पंडित छोटू शास्त्री ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कहे।
कार्यक्रम केे विशेष अतिथि के रूप में घटोदा खोदरा के पुज्य संत श्री जगदीशदास जी महाराज रहे। अतिथि रुप मे दसई चौकी प्रभारी ओमप्रकाश बड़ोनिया , भागवत प्रवक्ता पवन शरण शर्मा,कण्व वन सेवा समिती कानवन एवं पर्यावरण प्रहरी नंदकिशोर प्रजापती, पदमपुरा सरपंच सोमा कटारा, आदि मंचासीन थे।कार्यक्रम को संबोधित कते हुए परम पुज्य संत श्री जगदीशदास जी ने उपस्थित श्रृध्दालुओ को आशिर्वचन देते हुए महाशिवरात्री की शुभकामनाएं दी एवं कण्व वन सेवा समिती कानवन के नंदकीशोर प्रजापती ने संबोधित करते हुए कहा की जब मे कुछ वर्ष पहले जयन्ती धाम पर आया था तब यहा पर पहाड़ी को खोदरकर पोधे लगा रहे थे तब मेने यहा से सकंल्प लिया था कि जब यहा पर पथरीली भुमि पर पौधे लगाकर बड़े किया जा रहा है हो तो हमारी भुमि तो उपजाऊ एवं मिट्टीवाली है हम भी पोधे लगाऐ उस दिन से आज तक हमारी संल्था ने लाखो पौधो को रोपकर उसे बड़ा करने का काम कर रही है। जिस तरह गंगा, यमुना,सरस्वती जैसी नदी मे नहाते है तो हमारी भी नदी भी नहाने योग्य बने हमे उसे स्वच्छ रखने का संकंल्प लेना चाहिए।एवं आप आज से ऐसा प्रयास करे की पोलेथिन का उपयोग कम से कम करे। कार्यक्रम मे पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया व कण्व वन सेवा समिति का स्मृती चिन्ह भेट कर सम्मान समिति द्वारा किया गया।क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जयंती धाम व उंडवा नदी के दूसरे तट पर विराजमान श्री उण्डेश्वर धाम चिराखान में महाशिवरात्रि पर्व पर्यावरण क्रांति के रूप में धूमधाम से मनाया गया ।सुबह 7 बजे से श्री उण्डवा नदी के एक तट पर प्राचीन जयंती माता मंदिर पर भी बाबा भोलेनाथ का अभिषेक किया गया जिसके लाभार्थि सपत्नीक मंगेश एवं पुनम विश्वकर्मा चिराखान एवं सपत्नीक जयप्रकाश एवं रुचिका पाटीदार बालौद रहें।अभिषेक प.गजेन्द्र जी शर्मा के आचार्यत्व में संपन्न कराया गया।एवं दूसरे तट पर बाबा उण्डेश्वर धाम मे प्रातः सात बजे लघु रूद्रभिषेक सुरेश नाथाजाड़ा दसाई एवं शंकर लाल एकरंगा चौटीया बालोद रहे।रुद्राभिषेक पं. पंकज जी शास्त्री के सानिध्य में संम्पन्न कराया गया।सुबह से शाम तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मंदिर प्रांगण में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई।अभिषेक के पश्चात भोलेनाथ का दिव्य श्रंगार किया गया। जिसमें फल,फूल,भांग,काजु,बादाम आदी से दिव्य श्रंगार किया गया। जिसके बाद दोनो मंदिरो पर महाआरती तथा पांच-पांच क्विंटल खिचड़ी का वितरण किया गया।तत्पश्चात मंदिर में महाआरती कर महाप्रसादी का वितरण किया गया। एवं प्रातः 12 बजे श्री उण्डेश्वर महादेव मन्दिर 51 फिट शिखर निर्माण भुमि पुजन किया गया।प्रात: साड़े दस बजे बाबा का दिव्यश्रृंगार खिलेडी व दसई मित्र मण्डल द्वारा किया गया।कार्यक्रम के पश्चात कण्न वन सेेवा समिती कानवन द्वारा उपस्थित श्रृध्दालुओ को काले धतुरे के बीजो का वितरण किया ।
तथा शाम छ: बजे संध्या बेला में सहस्त्र दिप यज्ञ पर्यावरण मित्र मण्डल द्वारा किया गया ।एवं
रात्रि आठ बजे भजन संध्या का आयोजन किया गया जिसमे क्षेत्रिय भजन मण्डलीयो द्वारा सुमधुरभजन भजनो की प्रस्तुति दी गई।कार्यक्रम का संचालन कमलेश राव पवांर ने किया । आभार समिती अध्यक्ष सुरेश भुत ने माना।इस अवसर पर रामकरण पटेल,अनिल पाटीदार,मोतीलाल पाटीदार (सरपंच),सुरेश भुत, परमानन्द पाटीदार,गोपाल पाटीदार,दशरथ,शिवनारायण,निलेश जायसवाल, तहसील पत्रकार संघ अध्यक्ष गोवर्धनसिह डोडिया,पंकज गुजराती,कमलेशराव पवांर,दिपक गिरी गोस्वामी,राहुल बैरागी,गोर्धन पहाडिया ,खेमचन्द जायसवाल आदि उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था दसाई चौकि प्रभारी ओमप्रकाश बडोनिया,प्रधान आरक्षक ईश्वर भुरिया एवं उनकी टीम ने संभाली।
श्री उण्डेश्वर धाम चिराखान में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर कण्व वन सेवा समिती का स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मान किया गया।


