नये सत्र से पहले स्कूल और दुकानदारों की मनमानी पर लगाम, दो स्कूलों पर मामला दर्ज

लोकमतसत्याग्रह/स्कूल संचालकों की लूट को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आयोजित किए जा रहे पुस्तक मेला में दो स्कूल संचालकों को अपनी मनमानी भारी पड़ गई। निजी प्रकाशकों की किताबें जानबूझकर के उपलब्ध न कराकर मनमानी करने के मामले में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल महाराजपुरा और अमर पब्लिक स्कूल थाटीपुर के प्राचायों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

यह एफआईआर शिक्षा विभाग की ओर दर्ज कराई गई है, जिसमें कहा गया है कि स्कूलों द्वारा उनकी पुस्तकों की कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई। साथ ही कई पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं। शिकायत मिलने पर जब इनको नोटिस जारी किया गया तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। दो रोज पहले ही कलेक्टर ने स्कूल संचालकों को फटकार लगाई थी और स्कूलों को नोटिस भी जारी किए थे। अब जिला शिक्षा अधिकारी ने दो स्कूलों पर आपराधिक केस दर्ज कराया है।

वहीं ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह का कहना है कि राज्य सरकार के आदेश के बाद, इस पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है। जितना डिस्काउंट वेंडर्स दे सकते हैं, दे रहे हैं, लेकिन कई स्कूल और वेंडर्स में गठजोड़ समाने आ रहा है। वहां एक्शन लिया जा रहा है। शिक्षा विभाग की शिकायत पर पुस्तक मेला में दो स्कूल प्रबंधनों को मनमानी करने पर एमिटी इंटरनेशनल स्कूल और अमर पब्लिक स्कूल थाटीपुर के प्राचार्यों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इन पर आरोप है कि इन्होंने निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई। न ही पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा 14 स्कूल और दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है, जो समय पर दुकान नहीं खुल रहे थे।

आनेजाने में ज्यादा हो रहे खर्च
पुस्तक मेले में UKG की बुक्स की कीमत 2855 रुपये है, जिसे वे 10 फीसदी कम करके दे रहे हैं। यानी 280 रुपये तक फायदा मिल रहा है। वहीं बात करें दूरी को तो ये मेला शहर से दूर है। अगर कोई अभिभावक अपने बच्चों के साथ किताबें खरीदने जा रहा है, तो उससे ज्यादा की राशि तो उसके आने जाने में खर्च हो रही है। यानी की प्रशासन पुस्तक मेले के लिए वेंडर्स को एक प्लेटफार्म पर तो ला पाया है, लेकिन उतना डिस्काउंट नहीं दिला पाया है, जिससे अभिभावक राहत की सांस लें।

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