डिजिटल अरेस्ट के जरिए प्रदेश की सबसे बड़ी ठगी में उज्जैन से बैंक मैनेजर, महिला कैशियर सहित छह गिरफ्तार

लोकमातसत्याग्रह प्रदेश में अब तक के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट के मामले में एसआईटी ने उज्जैन में बड़ा एक्शन लिया है। एसआईटी ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक बैंक अकाउंट होल्डर है, जिसमें ठगी के 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा एक कैश निकालने वाला है, जबकि दो बैंक कर्मचारी जिनमें बंधन बैंक का मैनेजर, एक महिला कैशियर सहित छह आरोपी शामिल हैं। 

बंधन बैंक के कर्मचारी ही ठगी की रकम को निकालने और फ्रीज होने से बचाने में मदद करते थे। इसके अलावा दो अन्य टीम मध्य प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में दबिश दे रही है।  प्रदेश के इस सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट को पुलिस ने चुनौती के रूप में लिया है। दिन रात साइबर एक्सपर्ट काम कर रहे हैं। बैंक से ज्यादा से ज्यादा आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। सभी आरोपियों को उज्जैन से लेकर एसआईटी ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है।

बता दें, मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने का डर दिखाकर ग्वालियर के रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद को डिजिटल अरेस्ट कर 2.53 करोड रुपये ठगे गए थे। इस मामले में 26 दिन में तीन बैंक खातों में यह ठगी की पूरी रकम गई थी। मामला सामने आने के बाद तत्काल पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी थी। पता लगा कि जिन तीन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर हुए थे, उनसे करीब आधा सैकड़ा से ज्यादा बैंक खातों में रुपये तत्काल ट्रांसफर किए गए थे। इनमें से एक उज्जैन स्थित बंधन बैंक का खाता था, जिसमें 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे और ये 10 लाख रुपये तत्काल निकाल लिए गए थे। दो दिन पहले इस बात का खुलासा होने के बाद एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने एसआईटी का गठन किया था।

उज्जैन पहुंची थी एसआईटी
एसआईटी उज्जैन पहुंची थी। दिन भर दी गई दबिश में पुलिस की टीम ने जिस अकाउंट में रुपये ट्रांसफर हुए थे, उसे पकड़ा। इसके बाद जिसने 10 लाख रुपये निकाले थे उसे सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर हिरासत में लिया। दो बैंक कर्मचारी सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी की कुछ न कुछ भूमिका है। सभी को लेकर पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है।

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