लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में कांग्रेस नेताओं की मंच पर बैठने की होड़ ने दिग्विजय सिंह को परेशान कर दिया। कांग्रेसियों के व्यवहार से दुखी होकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मंच से ही घोषणा कर दी कि वे कांग्रेस के कार्यक्रमों में कभी मंच पर नहीं बैठेंगे । वे अब मंच के सामने बैठेंगे।
दरअसल, ग्वालियर में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संविधान बचाओ रैली का आयोजन किया। सभी नेता मंच से भाषण दे रहे थे। जब दिग्विजय सिंह का भाषण शुरू हुआ, तो सुनने वाले कांग्रेसी ही गायब हो गए। ज्यादा भीड़ मंच पर दिखाई दे रही थी। इसके बाद दिग्विजय सिंह गुस्से में आ गए। उन्होंने मंच से कहा कि मंच की लड़ाई खत्म करो,अब मैं नीचे बैठूंगा, जब बोलने का वक्त आएगा तब बोलूंगा, कई लोग आ जाते है बैठने के लिए, ये गलत है।
कांग्रेस का ये कार्यक्रम बीजेपी को घेरने के लिए था लेकिन नेताओं की मंच पर बैठने की होड़ ने इस कार्यक्रम के माहौल को खराब कर दिया। कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में इस तरह की रैलियों का कार्यक्रम बनाया हुआ है। इस रैली में जीतू पटवारी ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विधायकों को दल बदलवाकर एक चुनी हुई सरकार को गिरा दिया। आज वही ज्योतिरादित्य सिंधिया देश में मंत्री बने हुए हैं। वहीं पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया गद्दार हैं। वे अच्छा चले गए, अगर मुख्यमंत्री बना दिया होता, तो मुख्यमंत्री सहित भाजपा में चले गए होते, ऐसे गद्दारों की पहचान करनी होगी।
कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी आना था लेकिन उन्होंने दूरी बना ली। तो वहीं इस रैली में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव मौजूद रहे। वहीं सुप्रिय सीनेट ने कहा कि संविधान पर हमले हो रहे हैं, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस सबसे बड़ा संघर्ष कर रही है। देश में गरीबों, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, जो साफ संकेत है कि संविधान खतरे में है।
कांग्रेस ने फैसला किया है कि 25 से 30 अप्रैल के बीच पूरे देश में संविधान बचाओ रैलियां आयोजित की जाएंगी। मध्यप्रदेश में इस अभियान की शुरुआत ग्वालियर से की गई है। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से रैलियां और जन जागरण अभियान चलाए जाएंगे।


