तीन फौजी बेटों की मां पर बहू ने पति के बॉर्डर पर जाते ही बरसाए पत्थर, वारदात कैमरे में कैद

लोकमतसत्याग्रह/भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच छुट्टियां कैंसिल होने के बाद आर्मी के जवान भारत माता की रक्षा के लिए बॉर्डर पर रवाना हो गए हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में रहने वाली तीन आर्मी जवानों की मां पुलिस के दरवाजे-दरवाजे पर अपनी रक्षा के लिए न्याय की मांग के लिए भटक रही है। दरअसल बेटों के बॉर्डर पर जाते ही बहू ने उन्हें और उनके पति को घर से बाहर निकाल दिया है और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी है।

थाना पुरानी छावनी क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग दंपती सोरन सिंह और सुनीता भदौरिया ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उन्होंने अपने जिन तीन बेटों को भारत माता की रक्षा लिए सेना में भेजा है, उन्हीं में से सबसे छोटे बेटे की पत्नी एक दिन उन्हें दर-दर की ठोकरे खाने के लिए मजबूर कर देगी।

पुलिस के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचे बुजुर्ग दंपती ने पुलिस को बताया कि उनके तीन बेटे भारतीय सेना में हैं। सबसे छोटे बेटे प्रशांत भदोरिया की पत्नी बबीता तोमर ने उनके बेटे के बॉर्डर पर जाते ही उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। अभी वह किराए के मकान में रह रही हैं। यही नहीं बबीता ने उसके मझले बेटे के खिलाफ थाना पड़ाव में झूठी FIR भी दर्ज कर दी है, जबकि उनका मझला बेटा देशराज भदौरिया दिल्ली में रहता है। उनके तीनों बेटों के पुश्तैनी मकान पर भी बबीता ने जबरन कब्जा कर लिया है। बहू बबीता तोमर की आए दिन गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी से भयभीत होकर खुद का अपना मकान छोड़कर किराए के मकान में रह रही हैं।

बहू बबीता अपनी बहन मोनी तोमर पर कुछ अज्ञात युवकों के साथ गाली गलौज की थी और हथौड़े से घर का ताला तोड़ा और बुजुर्ग सुनीता भदौरिया के साथ मारपीट की। पड़ोसियों के इकट्ठा होने पर यह लोग भाग निकले। पूरी घटना CCTV कैमरे में भी कैद हुई है। बुजुर्ग सुनीता भदौरिया का यह भी आरोप है कि बहू बबीता का किसी अन्य युवक से अफेयर चल रहा है, जिसके चलते वह यह हरकत कर रही है। जनसुनवाई में मौजूद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना पुरानी छावनी पुलिस को मामले में जांच पड़ताल कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

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