लोकमतसत्याग्रह/सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल की गई एंटी-मटेरियल राइफल ‘विध्वंसक’ और स्वचालित ग्रेनेड लॉन्चर का प्रदर्शन किया। इनका इस्तेमाल सीमा पार पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। आइए देश के प्रहरी और रक्षक बीएसएफ की ताकत के बारे में जानते हैं विस्तार से…
एंटी–मटेरियल राइफल ‘विध्वंसक‘
एक बीएसएफ कर्मी ने बताया, ‘एंटी-मटेरियल राइफल ‘विध्वंसक’ की रेंज 1300 मीटर और 1800 मीटर है। इस हथियार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के टावरों और बंकरों को नष्ट कर दिया।’
स्वचालित ग्रेनेड लॉन्चर
सीमा सुरक्षा बल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में दुश्मन की चौकियों को ध्वस्त करने के लिए इस्तेमाल की गई स्वचालित ग्रेनेड लॉन्चर के बारे में बताया कि यह स्वचालित ग्रेनेड प्रणाली ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दुश्मन की चौकियों, ठिकानों और उनके बुलेटप्रूफ वाहनों को नष्ट करने में बहुत सफल हथियार साबित हुई। इसकी रेंज 1700-2100 मीटर है। इससे दागे गए ग्रेनेड का मारक क्षेत्र 10 मीटर है। इसकी मारक क्षमता बहुत प्रभावी है।
2.7 मिमी एंटी–एयरक्राफ्ट गन
इसके साथ ही बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से आने वाले ड्रोन को गिराने के लिए इस्तेमाल की गई 2.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन का भी प्रदर्शन किया। एक बीएसएफ कर्मी ने कहा, ‘यह दुश्मन के टैंक, कैंप और ड्रोन को नष्ट कर सकती है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने दुश्मन के ठिकानों को नष्ट कर दिया और उन्हें अपनी सीमा चौकियों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया।’
मीडियम मशीन गन
पाकिस्तानी बंकरों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मीडियम मशीन गन को लेकर एक बीएसएफ कर्मी ने कहा, ‘हमने इस मीडियम मशीन गन से पाकिस्तानी चौकियों और ड्रोन को नष्ट कर दिया। यह प्रति मिनट 600-1000 राउंड फायर कर सकती है।’
BSF DIG एसएस मंड ने बताया, ‘8 मई 2025 को निगरानी के दौरान सीमा की ओर आ रहे 40-50 लोगों की हरकतों का पता चला। हमने एहतियातन हमला किया। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने BSF की सीमा चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका हमने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। इनपुट्स से पता चलता है कि हमारे हमले में कई आतंकवादी, उनके समर्थक, रेंजर्स और अधिकारी घायल हुए हैं।’
IG BSF जम्मू शशांक आनंद ने कहा, ‘9 मई को अखनूर के पास के इलाकों में पाकिस्तान ने बिना उकसावे के गोलीबारी की। 9-10 मई को पाकिस्तान ने अखनूर की सीमा पर भारी गोलीबारी की। BSF ने योजनाबद्ध तरीके से पाकिस्तान के लूनी आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाया।’
ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के आतंकी लॉन्च पैड पर BSF की कार्रवाई पर आरएस पुरा सेक्टर के BSF DIG चित्तर पाल ने बताया, ‘9 मई को पाकिस्तान ने हमारी कई चौकियों को निशाना बनाया। सबसे पहले उन्होंने फ्लैट ट्रैजेक्टरी हथियार और मोर्टार से हमारी चौकियों को निशाना बनाना शुरू किया। उन्होंने हमारे एक गांव अब्दुलियान को भी निशाना बनाया। हमारे BSF जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। जब उन्होंने फायरिंग कम की तो उन्होंने ड्रोन गतिविधियां बढ़ा दीं। जवाब में BSF ने पाकिस्तानी आतंकी लॉन्च पैड मस्तपुर को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया।’
ऑपरेशन सिंदूर पर BSF IG जम्मू शशांक आनंद ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान BSF की महिला कर्मियों ने अग्रिम ड्यूटी चौकियों पर लड़ाई लड़ी। हमारी बहादुर महिला कर्मियों, सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने एक अग्रिम चौकी की कमान संभाली, कांस्टेबल मंजीत कौर, कांस्टेबल मलकीत कौर, कांस्टेबल ज्योति, कांस्टेबल सम्पा और कांस्टेबल स्वप्ना और अन्य ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ अग्रिम चौकियों पर लड़ाई लड़ी।’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा BSF चौकियों पर ड्रोन हमले और गोलाबारी में हमने BSF के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार को खो दिया। हम अपने दो पोस्ट का नाम अपने खोए हुए कर्मियों के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखते हैं और एक पोस्ट का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव रखते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अग्रिम चौकी की कमान संभालने वाली बीएसएफ की सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने कहा कि जोश चरम पर था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मैं अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एक कंपनी की कमान संभाल रही थी। हमारी जिम्मेदारी किसी भी घुसपैठ को रोकना, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना और अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित रखना था। हमने सभी जिम्मेदारियां बखूबी निभाईं। हमने ऊंचे और सपाट प्रक्षेप पथ वाले हथियारों का इस्तेमाल कर दुश्मन पर गोलियां चलाईं। इस ऑपरेशन में महिला और पुरुष बीएसएफ कर्मियों ने अपनी ड्यूटी निभाई। हमारी सुरक्षा के लिए चौकियां और बंकर हैं। बीएसएफ कर्मी शंकरी दास ने बताया कि हमने पाकिस्तान से अपनी महिलाओं के ‘सिंदूर’ मिटाने का बदला ले लिया है।


