मध्य प्रदेश में इस बार 106% बारिश की उम्मीद,8 दिन पहले मानसून पहुंचने की संभावना,पूर्वानुमान जारी

लोकमतसत्याग्रह/मध्य प्रदेश मई महीने में लगातार बारिश हो रही है। मंगलवार को मौसम विभाग नई दिल्ली ने पूर्वानुमान जारी किया है। जिसके अनुसार प्रदेश में इस बार औसत 106% यानी, 39 से 40 इंच तक बारिश हो सकती है। मध्य भारत और दक्षिणी हिस्से में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक 8 से 10 दिन पहले हो सकती है। सोमवार-मंगलवार को मानसून महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में 15 दिन पहले ही पहुंच गया। यहां मानसून के आने की सामान्य तारीख 10 जून तक है। मानसून की रफ्तार अभी ठीक है। यही रफ्तार रहती है तो मध्यप्रदेश में मानसून 4 से 7 जून तक आ सकता है। इससे पहले अप्रैल में मानसूनी सीजन में 38 से 39 इंच बारिश होने की उम्मीद जताई गई थी।

दक्षिणी हिस्से से होगी मानसून की एंट्री
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से यानी मंडला, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, अनूपपुर, बुरहानपुर, पांढुर्णा, बैतूल, बड़वानी के रास्ते से मानसून दस्तक देगा। ग्वालियर-चंबल में सबसे लेट 25 जून तक पहुंचेगा। भोपाल, इंदौर में यह 20 से 22 जून के बीच आ सकता है।दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिले में प्रवेश किया था। इस बार भी इन्हीं जिलों से मानसून के आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि इस बार मानसून ने 8 दिन पहले ही देश में दस्तक दी है। इससे पहले 2009 को भी मानसून 23 मई को पहुंच गया था। फिलहाल मानसून के आगे बढ़ने की स्थिति ठीक है। मध्यप्रदेश में इस बार भी समय से दस्तक देने की स्थिति बन रही है।

जबलपुरशहडोल संभाग में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में इस बार मानसून के सामान्य से बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है। अनुमान के मुताबिक 104 से 106% यानी औसत 38-39 इंच बारिश हो सकती है। जबलपुर-शहडोल संभाग में सबसे ज्यादा पानी गिरेगा। ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग में भी कोटा फुल हो सकता है। साल 2023 में प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई थी, लेकिन 2024 में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर समेत 44 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हुई थी। नतीजा ये रहा है कि सोयाबीन का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 2 क्विंटल तक बढ़ गया था। वहीं, गेहूं-चने के लिए भी पानी पर्याप्त गिरा था। मई के आखिरी में मौसम विभाग एक और अपडेट जारी करेगा। इसमें बारिश को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। अप्रैल में हुए मानसून फोरकास्ट में कहा था कि जून से सितंबर तक मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा।

इन जिलों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद
मौसम विभाग ने प्रदेश के ज्यादातर जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया है। जबलपुर, शहडोल संभाग में सबसे अधिक पानी गिरने की उम्मीद है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के ज्यादातर जिलों में डेढ़ सौ फीसदी तक पानी गिर सकता है। उत्तरप्रदेश बॉर्डर से लगे कुछ जिलों में सामान्य बारिश के भी आसार हैं।

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