लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में मंगलवार रात से दो दिवसीय वीरांगना बलिदान मेला का शुभारंभ हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने शहीद रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी। इस मेले की शुरुआत झांसी से आई शहीद ज्योति यात्रा से हुई, जिसमें शहरवासियों ने भारी संख्या में भाग लिया। यात्रा का शहर भर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया।
शहीद ज्योति यात्रा फूलबाग चौराहा से शुरू होकर रानी लक्ष्मीबाई की समाधि तक पहुंची। यात्रा में बालिकाएं रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में अश्व पर सवार दिखीं, वहीं पहली बार महिलाओं द्वारा बाइक रैली भी निकाली गई। यात्रा का नेतृत्व बलिदान मेला के संस्थापक व पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने किया। इस दौरान नगर निगम सभापति मनोज तोमर और कलेक्टर रुचिका चौहान भी मौजूद रहीं।
मेला के संस्थापक पवैया ने बताया कि यह बलिदान मेला वर्ष 2000 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है और यह इसका 26वां वर्ष है। मेला का मुख्य समारोह 18 जून की शाम 7 बजे होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर क्रांतिवीर व शहीद परिजन सम्मान, महानाट्य, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी वैष्णवी शर्मा का सम्मान किया जाएगा। इस बार शहीद मंगल पांडे के साथी दुर्गासिंह के प्रपौत्र को क्रांतिकारी वंशज सम्मान और शहीद विवेक तोमर की धर्मपत्नी को शहीद परिजन सम्मान से नवाजा जाएगा।
लक्ष्मीबाई सम्मान इस बार प्रख्यात शिक्षाविद् इंदुमति ताई काटदरे को प्रदान किया जाएगा। सम्मान समारोह की अध्यक्षता महामंडलेश्वर रामदास महाराज करेंगे और विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी उपस्थित रहेंगे। रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर 1008 दीपों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई और स्वराज संस्थान एवं नगर निगम द्वारा रानी और तात्या टोपे के मौलिक शस्त्रों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।


