लोकमतसत्याग्रह/अपने अजीबोगरीब कारनामों के लिए चर्चित रहने वाली ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज, मुरार में पढ़ने वाली बीएससी सेकंड ईयर की लगभग 300 छात्राएं फाउंडेशन के पेपर में फेल हो गई थीं। फेल छात्राओं ने बीते सप्ताह विश्वविद्यालय में हंगामा किया तो विवि ने सच्चाई सामने लाई।
दरअसल, बीएससी सेकंड ईयर की इन छात्राओं को बीकॉम फाउंडेशन का पेपर बांट दिया गया था, जबकि बाद में उनकी ओएमआर शीट की जांच बीएससी की आंसर शीट से कर दी गई। जब सही आंसर की से पुनर्मूल्यांकन हुआ तो सभी छात्राएं पास हो गईं। इस मामले में कॉलेज प्रशासन के साथ आंसर-की की कंप्यूटर से जांच करने वाले एक्सपर्ट की भी गड़बड़ी सामने आई है। अब जेयू प्रशासन कह रहा है कि वह वीआरजी कॉलेज को नोटिस जारी कर जवाब मांगेगा। हालांकि, इस मामले में जेयू प्रशासन की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है, लेकिन जेयू के रजिस्ट्रार डॉ. राकेश कुशवाह ने अब तक किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, नोटिस तक जारी नहीं किया है।
विवि के पीआरओ डॉ. विमलेन्द्र सिंह राठौर कहते हैं कि वीआरजी कॉलेज की फाउंडेशन के पेपर में जो छात्राएं फेल थीं, कॉपियों की री-चेकिंग में वे पास हो गई हैं। अब इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वीआरजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ज्योति उपाध्याय का कहना है कि अगर, बीएससी की छात्राओं को बीकॉम का पेपर बांटा गया है तो संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।


