लोकमतसत्याग्रह/प्रियांक खरगे ने कहा कि प्रतिबंध नहीं, बल्कि विनियमन ही सही रास्ता है। उनका तर्क है कि प्रतिबंध से लत या आत्महत्या जैसी समस्याएं नहीं रुकेंगी, बल्कि लोग अनियमित और अवैध विदेशी प्लेटफार्मों की ओर चले जाएंगे, जहां मनी लॉन्ड्रिंग और सुरक्षा खतरे और बढ़ जाते हैं। उन्होंने आगाह किया कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।
केंद्र सरकार लोकसभा में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पेश करने जा रही है। इस पर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए इसे एक और गलत नीति का मास्टरस्ट्रोक बताया है। प्रियांक खरगे ने चेतावनी दी कि इस कदम से सरकार को करों से होने वाली भारी आय का नुकसान, हजारों नौकरियों पर संकट और अरबों रुपये के विदेशी निवेश पर असर पड़ सकता है।
बैन से निवेशक पीछे हट जाएंगे- खरगे
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भारत को ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (आरए्मजी) से हर साल करीब 20,000 करोड़ रुपये जीएसटी और आयकर के रूप में मिलते हैं। बैन से राज्यों की यह आय खत्म हो जाएगी। देश में 2000 से ज्यादा गेमिंग स्टार्टअप और 2 लाख से ज्यादा नौकरियां इस सेक्टर से जुड़ी हैं। बैन से भारतीय प्रतिभा और उद्यमिता विदेश चली जाएगी। पिछले 5 साल में इस सेक्टर में 23,000 करोड़ रुपये का एफडीआई (विदेशी निवेश) आया है। बैन से निवेशक पीछे हट जाएंगे। हर साल 7,000 करोड़ रुपये विज्ञापन, डाटा सेंटर, साइबर सुरक्षा और स्पॉन्सरशिप पर खर्च होते हैं, जो पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
प्रियांक खरगे ने कहा कि प्रतिबंध नहीं, बल्कि विनियमन ही सही रास्ता है। उनका तर्क है कि प्रतिबंध से लत या आत्महत्या जैसी समस्याएं नहीं रुकेंगी, बल्कि लोग अनियमित और अवैध विदेशी प्लेटफार्मों की ओर चले जाएंगे, जहां मनी लॉन्ड्रिंग और सुरक्षा खतरे और बढ़ जाते हैं। उन्होंने आगाह किया कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।
क्या है सरकार का बिल?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव आज लोकसभा में ‘प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025’ पेश करेंगे। इस बिल के प्रमुख बिंदुओ में – ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाना, खासकर वे गेम जो राज्यों की सीमा पार या विदेश से संचालित होते हैं। युवाओं और संवेदनशील वर्ग को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान से बचाना। डिजिटल तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल को बढ़ावा देना। सार्वजनिक व्यवस्था और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा। एक अथॉरिटी (प्राधिकरण) का गठन, जो ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में नीतिगत सहयोग, रणनीतिक विकास और निगरानी करेगा।
क्या है प्रियांक खरगे का सुझाव?
कांग्रेस नेता का कहना है कि सरकार को चाहिए कि- स्किल-बेस्ड प्लेटफॉर्म को नियमों के तहत चलने दे। आईटी नियम 2021 का सख्ती से पालन कराए। केवल वैध ऑपरेटरों को व्हाइटलिस्ट करे। उनका मानना है कि संतुलित नियमन से न केवल राजस्व और रोजगार सुरक्षित रहेंगे, बल्कि नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।


