लोकमतसत्याग्रह/भारत और रूस के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग एक बार फिर सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने से उपजे आर्थिक दबाव के बीच, रूस भारत को बड़ी राहत देने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस से भारत को कच्चे तेल पर और अधिक छूट मिलने की संभावना है। इसके साथ ही भारत को एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त सप्लाई भी मिल सकती है। यह भारत के लिए न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यूराल क्रूड अब ब्रेंट क्रूड की तुलना में 3 से 4 डॉलर प्रति बैरल सस्ता मिल सकता है। इससे पहले भारत को जुलाई में केवल 1 डॉलर और अगस्त में 2.50 डॉलर प्रति बैरल की छूट मिल रही थी। यदि सितंबर और अक्टूबर में यह छूट बढ़ती है, तो भारत की तेल आयात लागत में भारी कमी आ सकती है। यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। अमेरिका का आरोप है कि भारत का रूस से कच्चा तेल खरीदना अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचा रहा है।
भारत के लिए यह छूट इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते महीने भारत ने रूस से तेल आयात में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अनुमान है कि भारत ने अगस्त के मुकाबले सितंबर में 1.50 से 3 लाख बैरल अतिरिक्त तेल खरीदा। अब और ज्यादा छूट मिलने पर भारत अपने आयात को और बढ़ा सकता है।
अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल खरीद घटाए। लेकिन रूस की ओर से मिलने वाली छूट भारत को इस दबाव से निपटने में मददगार साबित हो सकती है। भारत पहले ही रूस से डिस्काउंट पर कच्चा तेल खरीदकर अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पूरा कर रहा है। यदि अब और छूट मिलती है तो इससे भारत पर टैरिफ से पड़ रहा आर्थिक असर काफी हद तक संतुलित हो जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में भी भारत और रूस के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त खरीद को लेकर बातचीत जारी है।
भारत ने साल 2018 में रूस से 5.5 अरब डॉलर में पांच एस-400 सिस्टम की डील की थी। इनमें से तीन सिस्टम पहले ही भारत को मिल चुके हैं और बाकी दो साल 2026 और 2027 तक मिलने की संभावना है। अब खबर है कि भारत और रूस इस सहयोग को आगे बढ़ाते हुए और एस-400 सिस्टम की डील कर सकते हैं।
एस-400 को दुनिया का सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को काफी दूरी से ही मार गिराने की क्षमता रखता है। भारत के लिए यह इसलिए भी अहम है क्योंकि पाकिस्तान और चीन से सुरक्षा चुनौतियां लगातार बनी रहती हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान एस-400 ने भारतीय एयर डिफेंस को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके चलते पाकिस्तान के लड़ाकू विमान भारत के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई करने से पहले कई बार पीछे हट गए। यही कारण है कि भारत अब और एस-400 सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है।
भारत और रूस दशकों से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। रूस ने हमेशा भारत को रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग दिया है। मौजूदा परिदृश्य में जब अमेरिका भारत पर टैरिफ और आर्थिक दबाव बना रहा है, ऐसे समय में रूस की यह पहल दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बनाएगी।
जहां एक ओर तेल पर छूट भारत को आर्थिक मजबूती देगी, वहीं एस-400 डील भारतीय सेना की ताकत में इजाफा करेगी। यह दोनों ही पहल भारत को अमेरिका के दबाव से निकलने में मददगार साबित होंगी।


