लोकमतसत्याग्रह/पुलिस ने कहा कि महिला कर्मचारी की शिकायत पर तीन कर्मचारियों के खिलाफ छेड़छाड़, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू हो गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एक 40 वर्षीय महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, जिसने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता ने गोले का मंदिर थाने में तीन कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है, जिन पर उसने छेड़छाड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, क्योंकि पीड़िता की शिकायतों पर पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विश्वविद्यालय में छेड़छाड़ की घटना
जानकारी के मुताबिक, यह मामला ग्वालियर के राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के गार्डन क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 40 वर्षीय महिला कर्मचारी अपने पति के साथ काम करती है। पीड़िता ने बताया कि पिछले एक महीने से विश्वविद्यालय में तैनात तीन कर्मचारी संजू, सनी और भगवान कुशवाहा उससे छेड़छाड़ कर रहे हैं। जब भी वह इसका विरोध करती है, तो ये कर्मचारी उसे नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। इस उत्पीड़न ने महिला को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह रातभर सो नहीं पाती, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है।
पीड़िता की शिकायत पर विश्वविद्यालय की चुप्पी
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि उसने कई बार विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इस छेड़छाड़ की घटनाओं की जानकारी दी, लेकिन उनकी ओर से कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने बताया कि तीनों आरोपी कर्मचारी न केवल छेड़छाड़ करते हैं, बल्कि गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी देते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस उदासीनता ने पीड़िता को मजबूर कर दिया कि वह पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज की FIR
गोले का मंदिर पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों संजू, सनी और भगवान कुशवाहा के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पीड़िता के बयानों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि पीड़िता को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
पीड़िता की मानसिक स्थिति और आक्रोश
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि लगातार छेड़छाड़ और धमकियों के कारण वह गहरे मानसिक तनाव से गुजर रही है। रातभर नींद न आने और डर के माहौल ने उसकी मानसिक और शारीरिक स्थिति को प्रभावित किया है। इस घटना ने न केवल पीड़िता के परिवार को दुखी किया है, बल्कि विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय में भी आक्रोश पैदा किया है। लोग मांग कर रहे हैं कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर नियम लागू किए जाएं और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए।


