सिंधिया घराने के सरदार की पोती का विवाह समाप्त, 7 साल बाद SC में समझौता; पति काक पत्नी को देंगे 2.25 करोड़

सिंधिया राजघराने से सरदार रहे आंग्रे की पोती कात्यायनी और इंदौर राजघराने से जुड़े अर्जुन काक के बीच 7 साल पुराना विवाह विवाद खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लिया। अर्जुन को कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने होंगे।

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने से सरदार रहे आंग्रे की पोती कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने से संबंध रखने वाले अर्जुन काक के बीच सात साल से चले आ रहे विवाह संबंधी विवाद का पटाक्षेप हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लेकर मामले को सुलझा लिया।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कात्यायनी आंग्रे को अर्जुन काक द्वारा 2.25 करोड़ रुपये 30 नवंबर 2025 तक देने का आदेश दिया गया। एक करोड़ रुपये का ड्राफ्ट अर्जुन की ओर से 25 अगस्त को दे दिया गया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार की ओर से दिए गए सभी उपहार वापस करेंगे, जबकि अर्जुन की ओर से दिए गए उपहार कात्यायनी अपने पास रखेंगी। इसके बाद दोनों पक्षों में कोई संबंध नहीं रहेगा।

दरअसल, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार रहे तुलाजीराव आंग्रे की पुत्री कात्यायनी की शादी वर्ष 2018 में इंदौर के अर्जुन काक के साथ तय हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं, जबकि मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। यही कारण था कि यह शादी हाई-प्रोफाइल मानी जा रही थी। 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में शादी होना बताया गया था। दोनों परिवारों के बीच विवाद की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई। अर्जुन काक ने ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाने में 16 नवंबर 2019 को तुलाजीराव आंग्रे, उनकी पुत्री कात्यायनी समेत आठ लोगों के खिलाफ फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कराने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।

एफआईआर में बताया गया कि ग्वालियर नगर निगम ने फर्जी तरीके से विवाह प्रमाणपत्र जारी किया, जिसके अनुसार अर्जुन और कात्यायनी का 18 अप्रैल 2018 को ग्वालियर में विवाह हुआ है। वर्ष 2019 में अर्जुन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की और ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र निरस्त करने की मांग की। यह याचिका मार्च 2021 में स्वीकार की गई। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने माना कि अक्षम अधिकारी ने विवाह प्रमाणपत्र जारी किया था और इस आधार पर प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया।

दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाने में अर्जुन की ओर से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराने के दो साल बाद, 2 मार्च 2021 को सरदार आंग्रे की पोती कात्यायनी की ओर से ग्वालियर के महिला थाने में दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें आरोप लगाया गया कि पति अर्जुन काक और उनके परिजन रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट की मांग कर प्रताड़ित कर रहे हैं। इस पर महिला थाने में मामला दर्ज किया गया। बाद में अर्जुन की ओर से दाखिल याचिका पर हाई कोर्ट ने माना कि जो महिला शादी के महज कुछ माह बाद तलाक मांग रही है, वह 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करवा रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय थाने में दर्ज धोखाधड़ी की एफआईआर का काउंटर करने के लिए दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया गया।

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