ग्वालियर शहर में बाढ़ जैसे हालात, सौ से अधिक लोग बेघर, प्रभावितों को रिश्तेदारों के यहां आसरा

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर के सिथौली पास ललियापुरा जलमग्न हो गया। अलापुर बांध के गेट देर से खुलने और निकासी न होने से 85 घरों में 3-4 फीट पानी भर गया। लोग गृहस्थी बहते देख रो पड़े। बीमारों को स्ट्रेचर से निकालना पड़ा। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई और रहवासी प्रशासन से राहत की गुहार लगाते रहे। 

ग्वालियर शहर के सिथौली के पास बसा ललियापुरा जलमग्न हो गया। अलापुर बांध के गेट खोलने या न खोलने के पशोपेश और पानी की निकासी न होने के कारण यहां बाढ़ के हालात बन गए।

यहां के 85 घरों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। वार्ड 60 में आने वाले ललियापुरा, भाटखेड़ी के आसपास बसी कॉलोनी व गांवों में भी खतरा बढ़ गया। यहां घर के अंदर भरे पानी में उतारते समान और गृहस्थी को बहता देख लोगों की आखों से आंसू छलक आ रहे थे।

ललियापुरा व आसपास के क्षेत्र जलमग्न होने पर पीड़ित परिवार कलेक्टर कार्यालय से लेकर जनप्रतिनिधियों के द्वार-द्वार चक्कर लगाते रहे। रहवासी राहुल पवार ने बताया कलेक्ट्रेट में एसडीएम ने शाम 6 बजे गेट खोलने का आश्वासन दिया, लेकिन गेट नहीं खोला। हालांकि देर रेत अफसरों ने अलापुर बांध का गेट खोल दिया।

रहवासी ओमप्रकाश गोस्वामी ने बताया, हालात इतने खराब थे कि एम्बुलेंस भी बस्ती तक नहीं पहुंच सकी। बीमार सास अवध कुमारी को बेहोशी की हालत में स्ट्रेचर पर रखकर पानी में से निकालना पड़ा। उन्हें रिश्तेदारों के घर शिफ्ट किया है। लोगों ने बताया कि घर में पानी भरने से बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाए। बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। महिलाएं डूबे हुए राशन और बर्तनों को निकालने में जुटी रहीं, जबकि पुरुष पूरी रात बाल्टियों से पानी बाहर निकालते रहे। बता दें ग्वालियर में इस मानसून सीजन में अब तक 1380 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। लगातार पानी गिरने से तिघरा और वीरपुर डैम के कैचमेंट एरिया की बस्तियों में जलभराव हो रहा है।

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