जीआरएमसी में वर्चस्व विवाद, झगड़े में शामिल 34 छात्र हॉस्टल से निलंबित, कमरे सील किए

लोकमतसत्याग्रह/गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2 हॉस्टलों में रहने वाले मेडिकल स्टूडेंट्स के झगड़े के मामले में कॉलेज प्रबंधन ने सख्ती शुरू कर दी है। जीआरएमसी डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने झगड़ा करने वाले 26 चिकित्सा छात्रों को हॉस्टल से बाहर निकालने का आदेश बीते रोज ही जारी कर दिए थे। इसके अलावा इस मामले से जो भी नए चिकित्सा छात्र जुड़े हैं, उन पर भी कार्रवाई के लिए वार्डन को निर्देश दे दिए गए हैं।

दोनों हॉस्टल के 8 नए चिकित्सा छात्रों को इस झगड़े में शामिल होने का दोषी पाया गया है। लिहाजा दोनों हॉस्टल के अब 34 छात्रों की रवानगी तय है। वहीं रविवार को जिन 26 छात्रों को हॉस्टल से बाहर करना है, उनके कमरों को हॉस्टल के वार्डन ने सील कर दिया। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रैगिंग बंद हो चुकी है लेकिन रैगिंग के बदला स्वरूप इस लड़ाई का मुख्य कारण है। जूनियर, सीनियर का कहना मानें और उनके काम भी करें, इस बात को लेकर कॉलेज के दो हॉस्टलों के सीनियर आमने सामने आ गए और नए स्टूडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा अपनी तरफ कर वर्चस्व दिखाने की होड़ में यह झगड़ा शुरू हो गया।

इतना ही नहीं इन छात्रों ने बिना वार्डन, चीफ वार्डन और डीन को बताए कंपू और झांसी रोड थाने में एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी, जिससे कॉलेज प्रबंधन और खफा है। प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया है कि ये छात्र बिना बताए एक-दूसरे के खिलाफ थाने पहुंचे हैं इसलिए पुलिस के प्रकरण में कॉलेज प्रबंधन छात्रों की कोई मदद नहीं करेगा।

जीआर मेडिकल कॉलेज के सरस्वती हॉस्टल और रविशंकर हॉस्टल के छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इनमें से 34 छात्रों के रूम हॉस्टल प्रशासन ने सील कर दिए हैं और झगड़े में शामिल सभी 34 छात्रों की हॉस्टल से रवानगी तय हो चुकी है। इन छात्रों को अब केवल परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलेगी।

जीआरएसमी डीन ने निर्देश जारी किए हैं कि विवाद में शामिल दोनों हॉस्टल के 34 छात्रों को अपने अभिभावकों को बुलाना होगा। वहीं इन सभी छात्रों की निलंबन की कार्रवाई करने के लिए अनुशासन समिति को निर्देश दिए हैं। साथ ही इन छात्रों के माता-पिता को बुलवाया जा रहा है।

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