लोकमतसत्याग्रह/मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वच्छता को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम के कर्चारियों को भुगतान में देरी होने पर निगम के कमिश्नर को जमकर फटकार लगाई और हटाने के आदेश दे दिए।
शिवराज चौहान ने कमिश्नर से कहा कि ग्वालियर की स्वच्छता आपकी जिम्मेदारी है। अगर वेतन में इतना विलंब हो जाएगा कि आपका कर्मचारी ही कचरा फेंक जाए तो ये सहन करने के लायक है। शिवराज ने आगे कहा कि इनकी बहुत हो गया, अब इनकी छुट्टी कर दो।
बता दें कि वेतन न मिलने की वजह से ग्वालियर नगर निगम के आउटसोर्स कंपनी ईको ग्रीन के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर सोमवार की सुबह कचरा फेंक दिया। हड़ताली कर्मचारियों ने निगम की डिपो से निकलने वाले वाहनों को भी रोकने की कोशिश की। इसके बाद निगम अधिकारियों ने पुलिस को बुलाया तो हड़ताली कर्मचारी थाटीपुर और मुरार चले गए।
कर्मचारियों ने थाटीपुर, मुरार, कालपी ब्रिज रोड, गोले का मंदिर, उप नगर हजीरा सहित लश्कर के कई जगह कचरा सड़कों पर डाला। उधर, हड़ताल और कचरा सड़कों पर फेंके जाने का मामला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय तक पहुंच गया।
वहीं, निगम के अधिकारियों का दावा है कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खाते में 20 अक्तूबर से नवंबर 2020 तक का वेतन डाल दिया गया है। दिसंबर का वेतन जल्द दे दिया जाएगा। जबकि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि जब तक तीन महीने 20 दिन का वेतन नहीं मिल जाता, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। ग्वालियर में सोमवार को सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का पाचवां दिन था।
इससे पहले, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग प्राथमिकता समूह में सबसे पहले आते हैं उन्हें पहले यह वैक्सीन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘मैंने यह फैसला किया है कि मैं अभी वैक्सीन नहीं लगवाऊंगा। पहले इसे दूसरों को लगाया जाना चाहिए। मेरा नंबर उसके बाद आएगा। हमें यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना है कि प्राथमिकता समूह में आए लोगों को पहले वैक्सीन मिले।’


