जिला अस्पताल में ड्रिप चढ़ाने से बिगड़ी मरीजों की तबीयत, मचा हड़कंप, बाद में लगाए गए इंजेक्शन

लोकमतसत्याग्रह/नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत ड्रिप बंद कर प्राथमिक उपचार किया। सिविल सर्जन ने इसे सामान्य रिएक्शन बताया और कहा कि सभी मरीज अब ठीक हैं। हालांकि, आरोप है कि घटना को दबाने के लिए सभी मरीजों को जल्दबाजी में डिस्चार्ज कर दिया गया।

मध्य प्रदेश में कफ सिरफ कांड के बाद प्रदेशभर में दवाओं की गुणवत्ताओं को लेकर मचे बवाल के बीच एक बार फिर ग्वालियर जिला अस्पताल में दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला अस्पताल में मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन आईपी ड्रिप लगने के बाद साथ मरीजों तबीयत अचानक बिगड़ गई। मरीजों को तेज बुखार, घबराहट और शरीर में जकड़न की शिकायत सामने आने लगी, जिससे पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया।

बता दे हैं जिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में मरीजों को जिला अस्पताल में मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन ड्रिप चढ़ाई जा जा रही थी। इसी दौरान चार मरीजों को बेचैनी ठंड लगना और हाथों में जकड़न महसूस होने लगी। सूचना मिलने के बाद नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत ड्रिप बंद की। मरीज को इंजेक्शन देकर प्राथमिक उपचार किया गया।

वहीं जिला अस्पताल मुरार के सिविल सर्जन डॉ राजेश कुमार शर्मा ने इसे सामान्य रिएक्शन बताया। उन्होंने कहा कि 100 में से 17 से 20 मरीजों को मेट्रोनिडाजोल और RL ड्रिप से इस तरह का रिएक्शन होते हैं। मेट्रोनिडाजोल और RL को पूरी तरह ठीक बताया। वर्तमान में सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं।

इस पूरे मामले को दबाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में सभी मरीज की अस्पताल से छुट्टी कर दी। आपको बता दें कुछ दिन पहले ही जिला अस्पताल में एक महिला ने एजिथ्रोमाइसीन सीरप में कीड़े निकलने की भी शिकायत की थी। घटना के बाद प्रदेश भर में स्वास्थ्य विभाग में सप्लाई एजिथ्रोमाइसीन सीरप पर विभाग ने रोक लगाई थी।

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