लोकमतसत्याग्रह/प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों की जानकारी समय से पहले ही देना चूक नहीं,बल्कि एक साजिश है। सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि दोबार परीक्षा केंद्रों का चयन करना चाहिए।
प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा दो माह बाद होने वाली है। इस परीक्षा के लिए कौन-कौन से से परीक्षा केंद्र होंगे। इसकी जानकारी अभी से परीक्षा लेने वाली एजेंसी ने अभ्यार्थियों से साझा कर ली। इसे लेकर कुछ अभ्यार्थी नाराज है और उन्होंने इंदौर में कलेक्टर कार्यालय क्षेत्र में धरना दिया। उनका कहना है कि जब परीक्षा दिसंबर में है तो फिर अक्टूबर में परीक्षा केंद्र की जानकारी देने का क्या औचित्य, इससे गलत तरीके से परीक्षा में बैठने वाले परीक्षा केंद्रों के कर्ताधर्ता से सांठ-गांठ कर लेंगे और इमानदारी से परीक्षा देने वालों का हक मारा जाएगा। छात्रों ने नारेबाजी कर भी अपना विरोध जताया।
गुरुवार को कलेक्टर चौराहा पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2025 में संभावित गड़बड़ी के विरोध में धरना दिया। उनका कहना है कि पहले कभी इतनी जल्दी पुलिस भर्ती परीक्षा के केंद्रों की जानकारी अभ्यार्थियों से साझा नहीं की गई। फिर इस बार क्यों जल्दबाजी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्रों की जानकारी समय से पहले ही देना चूक नहीं,बल्कि एक साजिश है। सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि अभी परीक्षा में समय है। दोबार परीक्षा केंद्रों का चयन कर उसे परीक्षा के कुछ दिनों पहले अभ्यार्थियों से साझा करना चाहिए। उन्होंने परीक्षा लेने वाली कंपनी को भी हटाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद अभ्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।
आपको बता दे कि मुख्यमंत्री मोहन यादन ने कुछ समय पहले ही घोषणा की थी कि पुलिस भर्ती परीक्षा के जरिए प्रदेश में हजारों पद भरे जाएंगे।इंदौर में कई कोचिंग सेंटर भी इस परीक्षा की तैयारियां करवाते है और प्रदेश के कई शहरों व गांवों के युवक-युवतियां इंदौर में रहकर परीक्षा की तैयारियां सालभर करते है।


