लोकमतसत्याग्रह/केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज ज्वालामुखी स्थित एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र सपड़ी पहुंचेंगे और 62वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को वीरता पदक सहित सम्मानित करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को सशस्त्र सीमा बल के 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर जवानों और उनके परिवारों को बधाई दी और राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को नमन किया।
शाह ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा स्थापना दिवस के अवसर पर एसएसबी के जवानों और उनके परिवारों को बधाई। हमारी सीमाओं की सुरक्षा से लेकर संकट के समय नागरिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना – @SSB_INDIA हमेशा देश का गौरव बढ़ाता रहा है। कार्य में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को सलाम।
सशस्त्र सीमा बल का गठन 1963 में भारत-चीन युद्ध (1962) के बाद किया गया था। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जो गृहमंत्रालय के अधीन कार्य करता है। मुख्य रूप से यह बल नेपाल और भूटान के साथ 2450 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी रोकने और आपदा प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियों को निभाता है।
एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र सपड़ी पहुंचेंगे शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज ज्वालामुखी स्थित एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र सपड़ी पहुंचेंगे। वह यहां सशस्त्र सीमा बल के 62वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करेंगे। एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल भी भाग लेंगे। मंत्री भव्य परेड की सलामी लेंगे। 2006 बैच के एसएसबी कमांडेंट संजीव कुमार परेड का नेतृत्व करेंगे। शाह एसएसबी के उप महानिरीक्षक, सहायक कमाडेंट, निरीक्षक, उप निरीक्षक और मुख्य आरक्षियों को सम्मान देंगे। इनकी संख्या 59 है। इन्हें वीरता पदक, राष्ट्रपति वीरता पदक और राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा।
एसएसबी का मूल उद्देश्य
एसएसबी ने दशकों से सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने, सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा का अहसास पैदा करने और आपातकालीन स्थिति में नागरिक प्रशासन का सहयोग करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और स्थानीय पुलिस के सहयोग से नक्सल विरोधी अभियान में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
एसएसबी का मूल उद्देश्य हमेशा रहा है – ‘सेवा, सुरक्षा और भाईचारा’। आज के दिन बल के जवानों के समर्पण, साहस और राष्ट्रभक्ति को याद किया जाता है और उनकी उपलब्धियों को सराहा जाता है।


