लोकमत सत्याग्रह /अशोकनगर दौरे पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का अलग अंदाज देखने को मिला। भोजन के दौरान अनौपचारिक बातचीत में वे डॉक्टर की भूमिका में नजर आए और मीठे के नुकसान समझाए। सिंधिया ने कहा कि ज्यादा शुगर धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। उनका यह हल्का-फुल्का लेकिन जरूरी स्वास्थ्य संदेश क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
अशोकनगर प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का इस बार बिल्कुल अलग अंदाज़ देखने को मिला। आमतौर राजनीति, योजनाओं और विकास की बातों को लेकर चर्चा में रहने वाले सिंधिया इस बार ‘डॉक्टर’ बन गए। साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ा ऐसा संदेश दिया, जिसने वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हल्के-फुल्के माहौल में दी गई उनकी सलाह अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दरअसल, सिंधिया भाजपा नेता मलकीत संधू के घर भोजन के लिए पहुंचे थे। माहौल पूरी तरह अनौपचारिक था। खाने की मेज पर हल्की-फुल्की बातचीत चल रही थी, तभी चर्चा खाने-पीने की आदतों और सेहत पर आ गई। इसी मौके पर सिंधिया ने मीठे के नुकसान गिनाने शुरू कर दिए।
जब डॉक्टर बन गए सिंधिया
चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी से बात करते हुए सिंधिया ने बिल्कुल डॉक्टर की तरह समझाया कि ज्यादा मिठाई खाना शरीर के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मीठा खाने में अच्छा जरूर लगता है, लेकिन अगर इसकी आदत ज्यादा हो जाए तो यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ज्यादा शुगर से कई बीमारियां हो सकती हैं और शरीर के अलग-अलग अंग प्रभावित हो सकते हैं।
सिंधिया ने आसान शब्दों में समझाया कि अगर आदमी संतुलित खाना खाए, मीठा कम करे और रोजमर्रा की दिनचर्या ठीक रखे, तो बड़ी बीमारियों से खुद को बचाया जा सकता है। उन्होंने किसी भाषण की तरह नहीं, बल्कि दोस्ताना बातचीत में यह बात कही, जिससे वहां मौजूद लोग भी सहज महसूस करते दिखे।
खूब वायरल हो रहा सिंधिया का यह अंदाज
केंद्रीय मंत्री का यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि इस तरह आम बातचीत में स्वास्थ्य जैसे जरूरी मुद्दों पर बात करते हैं, तो उसका असर ज्यादा होता है। लोगों ने इसे एक सकारात्मक और मजेदार संदेश बताया। कुल मिलाकर, अशोकनगर में सिंधिया का यह रूप चर्चा का विषय बन गया, जहां एक तरफ वे नेता दिखे, तो दूसरी तरफ सेहत की चिंता करने वाले डॉक्टर, जो सबको मीठा कम खाने की नसीहत दे गए।


