लोकमत सत्याग्रह /ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में रैगिंग और मारपीट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ढीली कार्रवाई से नाराज छात्र अब सीधे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शरण ले रहे हैं। पिछले 15 दिनों में यूजीसी हेल्पलाइन पर जीवाजी विश्वविद्यालय से जुड़ी रैगिंग की तीन शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
ताजा मामला आर्यभट्ट हॉस्टल से एक बार फिर रैगिंग की शिकायत यूजीसी तक पहुंची। पीड़ित छात्र ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के गालव सभागार में आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होने गया था। कार्यक्रम के दौरान भोज में रोटी लेने को लेकर आर्यभट्ट हॉस्टल के फार्मेसी के छात्र निखिल, सूरज, दीपक सहित चार अन्य छात्रों ने उसके साथ मारपीट की।पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावर छात्रों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी और कहा कि हॉस्टल में उनके ही नियम चलेंगे। इस घटना के बाद पीड़ित छात्र ने यूजीसी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
आर्यभट्ट हॉस्टल में छात्र के साथ हुई मारपीट व रैगिंग के मामले में एंटी-रैगिंग कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कमेटी ने आरोपी आनंद चतुर्वेदी, अनंत प्रताप सिंह और हिमांशु शुक्ला को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए आर्यभट्ट हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। वहीं सौरभ गुर्जर, निखिल कुशवाह, गौरव जाट और सौरभ तिवारी को परीक्षा तिथियों को छोड़कर 15 दिवस के लिए संस्थान से निलंबित किया गया है। इसके साथ ही एंटी-रैगिंग कमेटी ने हॉस्टल परिसर में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इसके बावजूद कोई बाहरी छात्र हॉस्टल में प्रवेश करता पाया गया, तो मामला सीधे पुलिस को सौंपा जाएगा।
पीड़ित छात्र ने इस मामले की शिकायत प्रॉक्टोरियल बोर्ड, जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस थाना और यूजीसी तक की थी। जांच के बाद एंटी-रैगिंग कमेटी ने यह निर्णय लिया है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परिसर में रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुलगुरु प्रो. राजकुमार आर्य ने आर्यभट्ट और कैप्टन रूप सिंह हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझाया। इससे पहले एक अन्य गंभीर मामले में आर्यभट्ट हॉस्टल में लॉ के एक सीनियर छात्र के साथ फार्मेसी के लगभग आठ जूनियर छात्रों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। उस मामले में जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तीन छात्रों को दंडित किया था।
पीड़ित छात्र ने इस मामले की शिकायत प्रॉक्टोरियल बोर्ड, जीवाजी विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस थाना और यूजीसी तक की थी। जांच के बाद एंटी-रैगिंग कमेटी ने यह निर्णय लिया है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परिसर में रैगिंग जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कुलगुरु प्रो. राजकुमार आर्य ने आर्यभट्ट और कैप्टन रूप सिंह हॉस्टल का दौरा कर छात्रों से बातचीत की और उन्हें समझाया। इससे पहले एक अन्य गंभीर मामले में आर्यभट्ट हॉस्टल में लॉ के एक सीनियर छात्र के साथ फार्मेसी के लगभग आठ जूनियर छात्रों ने बेरहमी से मारपीट की थी। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। उस मामले में जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तीन छात्रों को दंडित किया था।


