लोकमत सत्याग्रह/राष्ट्रीय बजरंग दल और राष्ट्रीय महिला परिषद के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय हिंदू अधिवेशन में शामिल होने पहुंचे प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि इस अधिवेशन में देशभर से करीब 5,000 पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य हनुमान चालीसा के माध्यम से देश के 10 करोड़ हिंदू परिवारों को आपस में जोड़ना है। तोगड़िया ने कहा कि “अब हिंदू ही आगे” के संकल्प के साथ सुरक्षित हिंदू, समृद्ध हिंदू, स्वस्थ हिंदू और स्वावलंबी हिंदू जैसे विषयों पर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
तोगड़िया ने जानकारी दी कि प्रयास रहेगा कि प्रति मंगलवार या शनिवार गांव-गांव और गली-गली में एक लाख स्थानों पर हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाए। एक वर्ष में एक लाख स्थानों पर पाठ के साथ 100 से 200 हिंदू परिवारों को आपस में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त अन्य एकत्रीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
तोगड़िया ने कहा कि हनुमान चालीसा अभियान के माध्यम से प्रति परिवार एक मुट्ठी अनाज एकत्र किया जाएगा, जिससे जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि दो दिवसीय अधिवेशन में कुल 1,600 बैठकें होंगी और 11 लाख हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से 10 करोड़ हिंदू परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिवेशन का उद्घाटन सत्र प्रातः 8:30 बजे प्रारंभ होगा, जिसमें “घर-घर हिंदू, सुरक्षित घर, सुखी घर” जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने का दावा
प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि हिंदुओं को एकजुट करने के उद्देश्य से वे 250 जिलों और 1,500 तहसीलों का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि वे पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमाओं तक भी पहुंचे हैं और वहां भी हिंदुओं को संगठित करने का कार्य किया है।
“हम कभी अलग थे ही नहीं”
केंद्र और राज्य में सनातन विचारधारा की सरकार होने के बावजूद हिंदुओं को एकजुट करने की आवश्यकता के प्रश्न पर तोगड़िया ने कहा कि “हम कभी अलग थे ही नहीं।” उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना डॉक्टरी पेशा और युवावस्था राम मंदिर, अयोध्या के आंदोलन में समर्पित कर दी। अब मंदिर निर्माण के बाद सभी मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।
महाकाल दर्शन शुल्क पर प्रतिक्रिया
महाकालेश्वर मंदिर में संध्या आरती और शयन आरती के लिए लिए जा रहे शुल्क पर उन्होंने कहा कि संभवतः विशेष व्यवस्था के तहत शुल्क लिया जाता होगा, लेकिन इस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने यह अवश्य कहा कि मंदिरों में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए और सभी के लिए समान व्यवस्था होनी चाहिए।
योगी और शंकराचार्य विवाद पर अपील
योगी आदित्यनाथ और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद पर तोगड़िया ने कहा कि दोनों के गुरुओं से उनके चार दशक पुराने संबंध रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों जल्द ही आपस में गले मिलकर विवाद समाप्त करेंगे। साथ ही उन्होंने दोनों से संवाद के माध्यम से मामला सुलझाने की अपील की।


