भगवान आपको बहुत चाहते हैं , और आप बिलकुल नहीं :आचार्य ब्रजपाल शुक्ल , वृंदावनधाम

लोकमत सत्याग्रह/नीरज वैधराज /सागर / मध्य प्रदेश आपने देखा होगा कि यदि बच्चा खेलते खेलते गिर जाता है तो माँ दौड़ कर उसे उठाकर , छाती से लगा लेती है । उसकी धूल साफ कर देती है , और कहती है , कुछ नहीं हुआ , उठ जाओ , हमारा भैया राजा रोता नहीं है । ऐसे ऐसे दृश्य माँ और बेटे के बीच आपको … Continue reading भगवान आपको बहुत चाहते हैं , और आप बिलकुल नहीं :आचार्य ब्रजपाल शुक्ल , वृंदावनधाम

पाकिस्तान से मिल रहा “हमास “को समर्थन -भारत के लिए खतरे की घंटी

लेखक ,भरत सिंह परमार, वैश्विक जेहादियों द्वारा इस नवीनतम युद्ध रणनीति को देखकर भारत को क्या सबक सीखना चाहिए? क्या “हमास” की तरह किसी दिन पाकिस्तान के सैनिक भी उग्रवादियों के रूप मैं भारत में नरसंहार करने की कोशिश कर सकते हैं ? जब से इज़राइल और फ़िलिस्तीन ने एक घोषित ‘युद्ध’ की घोषणा की है तब से मध्य पूर्व निवासी यहूदी और अरब पीड़ा … Continue reading पाकिस्तान से मिल रहा “हमास “को समर्थन -भारत के लिए खतरे की घंटी

औरंगजेब को घुटनो पर लाने वाले अजेय योद्धा वीर क्षत्रिय दुर्गादास राठौर (संक्षिप्त  परिचय)

लेखक –रमेश शर्मा 13 अगस्त 1668 : ठाकुर दुर्गादास राठौर का जन्म निसंदेह भारत में परतंत्रता के विरुद्ध संघर्ष का कालखंड सबसे लंबा रहा है । असाधारण दमन और अत्याचार हुये पर भारतीय मेधा ने दासत्व को कभी स्वीकार नहीं किया । भारत भूमि ने प्रत्येक कालखंड में ऐसे वीरों को जन्म दिया जिन्होंने आक्रांताओं और अनाचारियों को न केवल चुनौती दी अपितु उन्हें अपनी … Continue reading औरंगजेब को घुटनो पर लाने वाले अजेय योद्धा वीर क्षत्रिय दुर्गादास राठौर (संक्षिप्त  परिचय)

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता

वह शक्ति ही इस विश्व को जन्म देती है, उसका पालन करती है और उसका विनाश भी करती है। यह सम्पूर्ण विश्व शक्तिमय है। नास्तिक व्यक्ति को भी अन्ततोगत्वा यह स्वीकार करना पड़ता है कि संसार में ऐसी कोई अदृश्य शक्ति अवश्य है, जिसके कारण यह ब्रह्मांड निश्चित नियमों से बंधकर अपने यात्राक्रम को आगे बढ़ा रहा है, भले ही वह व्यक्ति उस अदृश्य शक्ति … Continue reading या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता

अपनी भाषा में, सबके लिए डिजिटल साक्षरता

डिजिटल साक्षरता को समावेशी बनाने की जरूरत है। इसके लिए समाज के किसी भी तरह से वंचित तबकों को डिजिटल साक्षात्कार से जोड़ने के लिए उपाय करने होंगे भारतमें डिजिटल साक्षरता की अहमियत और चुनौती को अब पहचान लिया गया है और केंद्र तथा राज्य सरकारें इसके समाधान के प्रयास कर रही हैं। पीएमजीदिशा, दीक्षा और स्वयं जैसे कार्यक्रम इसके उदाहरण हैं। कौशल विकास के … Continue reading अपनी भाषा में, सबके लिए डिजिटल साक्षरता

राष्ट्रीय दिनदर्शिका को जन-जन से जोड़ने का समय

वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय दिनदर्शिका (कैलेंडर) बनाने के लिए प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. मेघनाथ साहा के नेतृत्व में एक समिति गठित हुई थी। इसके सुझावों को संसद ने भी स्वीकार कर लिया था। इस दिनदर्शिका को 22 मार्च, 1957 को लागू भी कर दिया गया। परंतु सरकार और देशवासी आज भी इसका उपयोग करने के प्रति उदासीन भारत विश्वका सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। वैज्ञानिक सोच … Continue reading राष्ट्रीय दिनदर्शिका को जन-जन से जोड़ने का समय

सामयिक : सनातन ज्ञान और विज्ञान

हिंदुत्व की जो चिरंतन परंपरा और सारगर्भित जीवन दर्शन एक सभ्य समाज की संरचना और मानवीय मूल्यों के विकास और पोषण के लिए गढ़ा गया, उसे उथले, सतही और अज्ञान के अंधकार में डूबे लोग आधारहीन व्याख्या करके मलिन कर रहे। रटगज विश्वविद्यालय के छात्रों के मुक्त पत्र को पढ़ें जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ट्रुश्के और प्रो. डानिगर के बारे में तीखी प्रतिक्रिया जाहिर … Continue reading सामयिक : सनातन ज्ञान और विज्ञान