अनियंत्रित खान पान और व्यायाम का अभाव कम उम्र में मधुमेह के बड़े कारण

लोकमतसत्याग्रह/ आप मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित हैं और आपके बच्चे छोटे हैं तो उनका विशेष ध्यान रखें। बचपन से उन्हें ऐसी आदतें डालें, जिससे उन्हें मधुमेह का खतरा न रहे। आजकल बच्चों के कम सक्रिय रहने से मधुमेह होने का खतरा बढ़ गया है। अनियंत्रित खानपान भी कम उम्र में मधुमेह की बड़ी वजह है। वहीं मौसम परिवर्तन के कारण बीमारियां होने की आशंका अधिक होती है। इसके कारण वायरल, इंफ्लूएंजा, सर्दी-खांसी, एलर्जी से संबंधित बीमारियां होती हैं। ऐसे में उन लोगों को विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। यह कहना है जिला अस्पताल मुरार के एमडी मेडिसिन व मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा. नीतेश मुदगल का। 

डाक्टर मुदगल ने बताया कि वायरल संक्रमण हाथ मिलाने से अधिक होता है। ऐसे में जब भी किसी से हाथ मिलाएं तो उसके बाद हमें हाथ जरूर धोना चाहिए, वहीं अभी सर्दी-खांसी ठीक होने के बाद भी कफ की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है। इससे बचाव के लिए हमें गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए। फ्रिज के पानी से दूरी बनाकर रखना चाहिए। वहीं यदि तीन सप्ताह से अधिक समय तक कफ बना हुआ है तो इसकी जांच अवश्य करवाना चाहिए। डा. मुदगल ने बताया कि वायरल संक्रमण में शरीर में टूटन और बुखार आ रहा है, बुखार ठीक होने के बाद खांसी परेशान कर रही है। वहीं, तनाव के चलते की गेस्ट्राइटिस की समस्या बढ़ी है। यह सब बदलते मौसम की वजह से हो रहा है। इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखें। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम और पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए।

सवाल: शुगर में फल खाने चाहिए या नहीं? मीनू शर्मा मुरार

जवाब: डायबिटीज के मरीजों को ताजे फल और सब्जियां का सेवन करना चाहिए। मरीज 150 से 200 ग्राम फल रोज खा सकते हैं। सेब, नाशपाती, चीकू का सेवन कर सकते हैं। जूस नहीं लेना चाहिए।

सवाल: डायबिटीज में शुगर फ्री उत्पाद सही है या नहीं? शंभुनाथ हुरावली मुरार

जवाब: डायबिटीज रोगी शक्कर नहीं ले सकता, इसके बदले बाजार में आने वाले शुगर फ्री उत्पाद जैसे स्टीविया, सु्क्रालोज, एस्पार्टेम पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनका उपयोग कर मरीज चाय, दूध, मिठाई ले सकता है।

सवाल: डायबिटीज दस साल से है, लेकिन इन्सुलिन शुरू नहीं करना चाहता हूं क्या करूं? ललित मीना बड़ागांव

जवाब: कई मरीज जिनकी शुगर तीन-चार तरह की दवाओं के बाद भी कंट्रोल नहीं होती उन्हें इन्सुलिन लगाने की सलाह दी जाती है। इन्सुलिन का इंजेक्शन दर्द रहित होता है। इसे मरीज खुद लगा सकता है, इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते।

सवाल: चार दिन से बुखार के साथ शरीद में दर्द तथा सिरदर्द है। क्या करना चाहिए? रामनिवास सिंह, शिवपुरी

जवाब: यदि बुखार तेज है और जोड़ों में आंखों के पीछे दर्द रहता है तो यह मलेरिया के लक्षण हो सकते हैं। इसके लिए आपको चिकित्सक से परामर्श लेकर अपना उपचार कराना चाहिए। डाक्टर की सलाह के बिना दवाएं न लें।

सवाल: गले में खराश है, साथ ही लगातार कमर में दर्द बना हुआ है? भानुप्रताप श्योपुर

जवाब: वैसे तो ये बहुत गंभीर बात नहीं है, अभी आप गर्म पानी से गरारे करें। बिना डाक्टर की सलाह के दवाएं न लें। खासतौर से एंटीबायोटिक दवाएं। अगर समस्या बढ़े तो चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार शुरू करें।

सवाल: हाथ पैर में टूटन के साथ गले में खराश बनी हुई है, क्या करूं? धर्मेन्द्र भार्गव, डबरा

जवाब: आप गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें। हाथ पैरों में टूटन के लिए क्रोसिन दवा ले सकते हैं। इसके साथ ही तीन से चार लीटर पानी पिएं। अगर इसके बाद भी समस्या का समाधान न हो तो चिकित्सक से परामर्श लें।

सवाल: डायबिटीज का पता कैसे लगाएं ? श्यामाप्रसाद सिंह ग्वालियर

जवाब: अगर खाली पेट सौ और भरे पेट 150 से 180 तक शुगर है, तो खाने में परहेज करना चाहिए। पूरे दिन में आपके ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव आता ही रहता है। इसके लिए आप दिन में घर पर इसका लेवल चेक कर सकते हैं।

सवाल: पांच दिन से बुखार के साथ खांसी-जुकाम भी बना हुआ है? अंजली पाण्डेय कंपू

जवाब: यह वायरल फीवर हो सकता है। फिलहाल आप गर्म दूध में हल्दी डालकर पिएं, साथ ही भाप लें। अगर इसके बाद भी परेशानी बनी रहे तो चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार लें। घबराने की जरुरत नहीं है।

सवाल: टाइफाइड बुखार है। परामर्श दें? रामेश शर्मा, भितरवार

जवाब: अगर आप एंटीबायोटिक दवाएं ले रहे हैं तो उन्होंने बंद कर दें। क्योंकि आपने बताया कि आप सात दिन तक दवाओं का सेवन कर चुके हैं। बुखार आने पर पैरासिटामोल का सेवन कर सकते हैं।

सवाल: डायबिटीज है कैसे पता लगाएं? राहुल गुढ़ा गुड़ी का नाका

जवाब: खाली पेट ब्लड शुगर लेवल 126 और खाने के दो घंटे बाद 140 के ऊपर है तो आपको मधुमेह है। ऐसे में आपको विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेकर अपना उपचार शुरू कराना चाहिए।

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