लोकमत सत्याग्रह / लेखराज कौशल / हापुड़
हापुड़, धौलाना। जनपद हापुड़ की धौलाना तहसील परिसर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब 100 गज जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग को लेकर एक किसान अर्धनग्न अवस्था में पानी की टंकी पर चढ़ गया। किसान के टंकी पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में हलचल तेज हो गई। करीब 36 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के दौरान अधिकारी किसान को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे रहे। आखिरकार अपर जिलाधिकारी संदीप सिंह के आश्वासन के बाद किसान नीचे उतर आया। गनीमत रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
दो साल से जमीन के लिए चक्कर काटने का आरोप, सुनवाई नहीं होने से परेशान किसान
जानकारी के अनुसार, पानी की टंकी पर चढ़ने वाले किसान की पहचान लखपत सिंह निवासी गांव समाना, थाना कपूरपुर के रूप में हुई। किसान का आरोप है कि वह वर्ष 2024 से अपनी 100 गज जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए धौलाना तहसील के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। किसान ने पुलिस पर भी लगातार प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए। उसका कहना था कि लंबे समय से अपनी समस्या को लेकर अधिकारियों के पास जाने के बावजूद राहत नहीं मिलने से वह परेशान है। हालांकि, किसान के आरोपों और जमीन से संबंधित मामले की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
अर्धनग्न होकर टंकी पर चढ़ने से मची हलचल, आत्महत्या की धमकी से बढ़ी चिंता
किसान लखपत सिंह के अर्धनग्न अवस्था में पानी की टंकी पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही तहसील परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हो गया। ऊंचाई पर बैठकर आत्महत्या की धमकी देने से स्थिति गंभीर हो गई। मौके पर मौजूद लोग उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए। जमीन से जुड़ी शिकायत को लेकर उठाए गए इस जोखिम भरे कदम ने पुलिस-प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी। अधिकारियों की प्राथमिकता किसी भी तरह किसान को सुरक्षित नीचे उतारने की रही।
क्षेत्राधिकारी मुनीष चंद्र और थाना प्रभारी अवनीश कुमार ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पिलखुवा क्षेत्राधिकारी मुनीष चंद्र और थाना प्रभारी अवनीश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किसान को समझाने-बुझाने के प्रयास शुरू किए। क्षेत्राधिकारी मुनीष चंद्र ने लाउडस्पीकर के माध्यम से किसान से बातचीत करते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतरने की अपील की। साथ ही उसकी समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया। अधिकारी लगातार किसान को समझाते रहे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
किसान नेता और अधिवक्ता ने भी की समझाने की कोशिश
मौके पर पहुंचे किसान नेता शिवकुमार राणा और अधिवक्ता अभिषेक तोमर सहित अन्य लोगों ने भी लखपत सिंह से बातचीत कर उसे नीचे उतरने के लिए समझाया। सभी ने किसान से संयम बरतने और अपनी समस्या को प्रशासन के समक्ष रखने की अपील की। हालांकि, शुरुआत में किसान नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके चलते मौके पर चिंता का माहौल बना रहा। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और किसान को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी रखे हुए थे।
अपर जिलाधिकारी संदीप सिंह के आश्वासन पर 36 मिनट बाद नीचे उतरा किसान
काफी देर तक चले घटनाक्रम के बीच हापुड़ के अपर जिलाधिकारी संदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसान की समस्या को लेकर बातचीत की और उसके समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद लखपत सिंह पानी की टंकी से सुरक्षित नीचे उतर आया। करीब 36 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के समाप्त होने पर पुलिस-प्रशासन और मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि समय रहते स्थिति संभल गई और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।पत्नी और बच्चों की मौजूदगी में दी गंभीर चेतावनी
घटना के दौरान किसान की पत्नी बबीता, बड़ी बेटी कीर्ति, एक वर्षीय रुद्र और आठ वर्षीय दक्ष सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे। किसान ने अपनी जमीन से संबंधित समस्या का समाधान नहीं होने पर भविष्य में बच्चों के साथ आत्मदाह जैसा कदम उठाने की चेतावनी दी। किसान की इस चेतावनी ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसी परिस्थितियों में परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच और उचित समाधान की दिशा में कदम उठाना आवश्यक है।
सुरक्षित नीचे उतरने से टली अनहोनी, जमीन की शिकायत पर कार्रवाई का इंतजार
धौलाना तहसील परिसर में करीब 36 मिनट तक चले इस घटनाक्रम का अंत किसान के सुरक्षित नीचे उतरने के साथ हुआ। अधिकारियों की सूझबूझ और समझाइश से तत्काल खतरा टल गया, लेकिन किसान की जमीन से जुड़ी शिकायत का समाधान होना अभी बाकी है। लखपत सिंह का दावा है कि वह वर्ष 2024 से अपनी समस्या को लेकर परेशान है। अब अपर जिलाधिकारी संदीप सिंह के आश्वासन के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं। जमीन पर कथित कब्जे की वास्तविक स्थिति और किसान के आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

