लोकमतसत्याग्रह/गर्ल्स कालेज, स्कूल और कोचिंग सेंटर के आसपास मनचलों को सबक सिखाने महिला पुलिस अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी सड़क पर उतरीं। कंपू इलाके में चाय की गुमटियों पर मनचले खड़े दिखे, इन्हें महिला पुलिस अधिकारी ने फटकार लगाई तो दौड़ते नजर आए। इसके बाद कंपू के आसपास कोचिंग सेंटर के आसपास खड़े मनचलों को भी खदेड़ा। डीएसपी महिला सेल किरण अहिरवार ने बताया कि गर्ल्स स्कूल, कालेज और कोचिंग सेंटर के आसपास गुमटियों पर समूह में मनचले खड़े होते हैं। इनके द्वारा छात्राओं पर कमेंट्स किए जाते हैं, अब लगातार ऐसे स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग की जा रही है। कंपू इलाके में केआरजी कालेज और पदमा स्कूल आसपास हैं। पूरे दिन यहां छात्राओं का मूवमेंट रहता है। इसके चलते निर्भया मोबाइल प्रभारी सूबेदार सोनम पाराशर महिला पुलिसकर्मियों के साथ पहुंची। उन्होंने करीब आधा घंटे तक पेट्रोलिंग की। तभी उनकी नजर एक गुमटी पर पड़ी। यहां गुमठी पर युवकों का समूह तब से खड़ा था, जब से वह यहां पेट्रोलिंग कर रही थीं। सूबेदार ने इन्हें फटकार लगाई। फिर इनकी वीडियो बनाना शुरू की तो दौड़ते नजर आए। गुमटी वाले को हिदायत दी, अगर यहां जमावड़ा लगवाया तो सख्त कार्रवाई होगी।
42 डेयरियों को नोटिस, 10 से अधिक गाय-भैंस तो बंद होंगी
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की तैयारियों को लेकर बुधवार को नगर निगम के उपायुक्त स्वच्छ भारत मिशन अमर सत्य गुप्ता ने स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों में डेयरियों के कारण होने वाली गंदगी और गोबर से सीवर लाइन जाम होने के मामले में 42 डेयरियों को नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जिन डेयरी में 10 से अधिक गाय या भैंस हैं, उन्हें बंद कराने की कार्रवाई की जाए। ऐसी डेयरी को ग्वाला नगर में शिफ्ट किया जाए। इसके अलावा राज्य शासन के निर्देश पर शहर में खुली मांस-मछली की दुकानों को ट्रेड लाइसेंस जारी करने पर भी चर्चा की गई। तय किया कि एक हजार रुपये प्रतिवर्ष शुल्क पर लाइसेंस जारी किए जाएं। स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लाइसेंस जारी करने से पहले देख लिया जाए कि वे ऐसी जगह पर न हों, विवाद की स्थिति निर्मित हो सके। विशेष तौर पर ऐसी दुकानें धार्मिक स्थलों या अन्य संस्थानों से दूर हों और वहां पर्दा डालकर व्यापार किया जाए। इसके अलावा सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई के साथ ही सर्वेक्षण में लोगों की अधिक से अधिक भागीदारी कर इसे जन आंदोलन बनाने पर भी चर्चा की गई।

