ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: म्यांमार की 4 लड़कियां और 2 पुरुष गिरफ्तार; बांग्लादेश के रिफ्यूज कैंप से शादी के बहाने लाई जा रही थीं युवतियां

लोकमत सत्याग्रह /ग्वालियर

ग्वालियर (मध्य प्रदेश)।जीआरपी ग्वालियर (बीजी) पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले म्यांमार (बर्मा) के 6 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में चार युवतियां और दो पुरुष

शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इन युवतियों को शादी कराने के बहाने भारत लाया गया था। यह सभी आरोपी बांग्लादेश के कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैंप (कुतुफालम शिविर) में अस्थाई रूप से रह रहे थे और वहां से अवैध तरीके से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे。

चेकिंग के दौरान संदिग्ध हालत में मिले विदेशी नागरिक

जीआरपी पुलिस के अनुसार, त्योहारों और सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए, जिनकी भाषा और हुलिया अलग था। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की और दस्तावेज मांगे, तो वे भारत में रहने या यात्रा करने से जुड़े कोई भी वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं दिखा सके। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने म्यांमार का नागरिक होना स्वीकार किया。

बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर से जुड़ा है कनेक्शन

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ी गई चारों लड़कियां और दोनों पुरुष मूल रूप से म्यांमार के रहने वाले हैं, लेकिन वे लंबे समय से बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित कुतुपालोंग (कुतुफालम) रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप में शरणार्थी के रूप में रह रहे थे। वहां से दलालों के जरिए इन्हें अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराकर भारत में दाखिल कराया गया।

शादी के नाम पर मानव तस्करी की आशंका

पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि म्यांमार की इन चारों लड़कियों को भारत के अलग-अलग हिस्सों में शादी कराने के उद्देश्य से लाया जा रहा था। दलालों ने मोटी रकम के बदले इन लड़कियों को भारतीय युवकों से ब्याहने का जाल बुना था। पुलिस अब इस मामले में बड़े मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) रैकेट के शामिल होने की आशंका जता रही है, जो रिफ्यूजी कैंपों से लड़कियों को बहला-फुसलाकर भारत लाते हैं।

जीआरपी ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

जीआरपी ग्वालियर पुलिस ने सभी छह म्यांमार नागरिकों के खिलाफ अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी विषयक अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और भारत में मौजूद उनके मददगारों (कंटैक्ट्स) की तलाश में जुट गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन लड़कियों को देश के किस शहर में भेजा जा रहा था।


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