लोकमत सत्याग्रह / लेखराज कौशल / हापुड़
हापुड़। किसानों की उपज की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उन्हें समय पर भुगतान दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने नवीन मंडी स्थल हापुड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धान खरीद व्यवस्था का बारीकी से जायजा लेते हुए मंडी में धान की आवक, नमी मापक यंत्रों और तौल कांटों की स्थिति की जांच की। जिलाधिकारी ने किसानों से सीधे संवाद कर खरीद प्रक्रिया और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाए।
मंडी में धान खरीद की व्यवस्थाएं परखीं, तौल प्रक्रिया का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना ने मंडी में धान की आवक और खरीद से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने नमी मापक यंत्रों तथा तौल कांटों की कार्यप्रणाली को परखा, ताकि किसानों की उपज की तौल निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक उपकरण सुचारु रूप से कार्य करें और किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।
किसानों से सीधे संवाद, खरीद और भुगतान की स्थिति जानी
जिलाधिकारी ने मंडी में मौजूद किसानों से बातचीत कर यह जानकारी ली कि धान बेचने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने भुगतान की स्थिति के बारे में भी पूछा और खरीद प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को गंभीरता से सुना। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए और खरीद केंद्रों पर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश
धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि किसानों की उपज की तौल समय से कराई जाए और नियमानुसार 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर मिलना चाहिए। भुगतान प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
साफ-सफाई, पेयजल और छाया की व्यवस्था पर जोर
जिलाधिकारी ने मंडी सचिव को मंडी परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, धूप से बचाव के लिए छाया और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खरीद प्रक्रिया के दौरान मंडी आने वाले किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बिचौलियों पर रहेगी नजर, अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने बिचौलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। खरीद केंद्रों पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज बेचने में किसी तरह की अनुचित बाधा का सामना न करना पड़े।
किसान हमारी प्राथमिकता, खरीद प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए: डीएम
जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीना ने कहा कि किसान प्रशासन की प्राथमिकता हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और धान खरीद की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद व्यवस्था की नियमित निगरानी करें, किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और भुगतान समेत सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरा कराएं।
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान धान खरीद व्यवस्था, तौल प्रक्रिया, भुगतान और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खरीद केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखते हुए किसानों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

