लोकमतसत्याग्रह/तिघरा बांध से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स पर मटमैला (टर्बिडिटी) पानी आ रहा है। तिघरा से मटमैला पानी आने के पीछे पेहसारी से हाल के दिनों में छोड़ा गया पानी बताया जा रहा है, इसलिए पानी में 9 से ज्यादा पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम) टर्बिडिटी आ रही है। पीएचई के जिम्मेदारों का दावा है कि टर्बिडिटी को कम करने के लिए एलम और लाइम का डोज बढ़ाया गया है।
हालांकि इसके बाद भी शहर के अंदर मटमैला और बदबूदार पानी की शिकायतें शहरवासी और पार्षद कर रहे हैं। पिछले दिनों आधा दर्जन पार्षदों ने गंदे पानी की शिकायत नगर निगम परिषद में भी की थी। तब भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। शहर में तिघरा बांध के अलावा सीवर युक्त पानी भी कई स्थानों पर आ रहा है। स्थानीय लोग पार्षदों और अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं। इसके साथ ही पानी के सप्लाई की टाइमिंग सही नहीं होने से वार्ड-8 के लोग परेशान है।
गंदा और मटमैला पानी को चेक कराएंगे
निगमायुक्त हर्ष सिंह का कहना है कि शहरवासियों को साफ पानी मिले। यह निगम की 100 प्रतिशत कोशिश होती है। यदि कहीं पर मटमैला या गंदा पानी आ रहा है तो इंजीनियरों से रिपोर्ट ली जाएगी। इसको चेक भी कराया जाएगा।
कहां–कहां सामने आई गंदे–मटमैले पानी की समस्या
- वार्ड-32- लक्ष्मीबाई कॉलोनी में तिघरा के पानी की सप्लाई साफ नहीं है। गंदा और बदबूदार पानी गुरुवार को आया।
- वार्ड-34- यहां अलीजा बाग सहित अन्य क्षेत्र में मटमैला पानी आ रहा है।
- वार्ड-45- थोराट की गोठ और जाटव मोहल्ला के लोग गंदे पानी से परेशान हो रहे हैं।
- वार्ड-58- माधव नगर सहित अन्य क्षेत्रीय कॉलोनियों में आ रहा मटमैले पानी।
- वार्ड-21- पंचशील नगर, त्रिमूर्ति नगर, हनुमान नगर, प्रगति विहार गंदा पानी आ रहा है।
सीवर वाला पानी आ रहा है।
- वार्ड-7- नर्सिंग नगर, विजय नगर और गोपाल नगर में गंदा पानी आ रहा है।
गंदे पानी के दो कारण प्रमुख
- निगम के जानकारों का कहना है कि अभी सीवर की समस्या ज्यादा आ रही है। सीवर लाइन चोक होने की शिकायत के बाद भी निराकरण नहीं हो रहा है। यही पानी पेयजल की लाइन में प्रवेश कर जाता है और गंदा पानी आने लगता है।
- बारिश के दिनों में तिघरा बांध में विभिन्न स्थानों से पानी पहुंचता है। इस बीच पेहसारी से पानी छोड़ने के कारण मटमैला पानी पहुंच जाता है।
लोगों की शिकायत
- राहुल शर्मा– माधव नगर में पिछले कई दिनों से मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। पानी पीने के लिए बाजार से खरीदना पड़ रहा है।
- प्रीति पचौरी– अलीजा बाग में सप्लाई के पानी में बदबू आ रही थी।
- बृजेश श्रीवास पार्षद– पंचशील नगर, त्रिमूर्ति नगर, हनुमान नगर, प्रगति विहार में कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है।
- मनोज राजपूत पार्षद– नर्सिंग नगर, विजय नगर और गोपाल नगर में गंदा पानी आ रहा है। क्षेत्र के इंजीनियर ने बताया कि सप्लाई प्लांट से ही हो रही है।
कितनी होनी चाहिए पानी में टर्बिडिटी
- तिघरा से आ रही टर्बिडिटी– 9 पीपीएम
- सामान्य स्थिति में– 5 पीपीएम से नीचे ही रखी जाती है। हालांकि 10 पीपीएम तक मान्य किया जा सकता है।
इंफेक्शन है तो पानी उबालकर पीएं
उमस भरी गर्मी के चलते जेएएच के मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पेट दर्द व पेट में इंफेक्शन के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। प्रतिदिन ओपीडी में 30 से 40 फीसदी मरीज पेट दर्द और पेट में इंफेक्शन से पीड़ित आ रहे हैं। जीआरएमसी के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय पाल सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी और पानी शुद्ध नहीं होने के कारण पेट में इंफेक्शन हो जाता है। इससे बचने के लिए पानी को उबालकर ठंडा करके पीएं।


