लोकमतसत्याग्रह/प्रदेश सरकार स्कूली छात्रों को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर किताबों की ओर जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसलिए इन दिनों मध्य प्रदेश के हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में पुस्तकालय बनाए जाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इन दिनों स्कूलों में पुस्तकालय खोले जाने से लेकर रख रखाव का दायित्व निभाए जाने के लिए जिला स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम संचालित किए जा रहे है। इन ट्रेनिंग प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षिकों को पुस्तकालय संभालने में दक्ष किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों पढ़ने वाले छात्रों को स्कूल के अंदर लाइब्रेरी सुविधा दिए जाने का निर्णय लिया है। अब तक छात्रों ऊंची कक्षा जैसे स्नातक व स्नाकोत्तर की पढ़ाई करने पर ही कॉलेज के अंदर लाइब्रेरी सुविधा दी जाती है।अब इसी तरह की सर्व सुविधा युक्त लाइब्रेरी स्कूल तक खुलने जा रही है।हालांकि लाइब्रेरी सुविधा के लिए प्रदेश सरकार लंबे समय से प्रदेश में प्रयासरत थी। परंतु, नई शिक्षा नीति 2020 के तहत हर स्कूल में सुविधा जनक लाइब्रेरी बनाए जाने का प्रोग्राम तैयार किया गया है।
दो चरणों में दी जाएगी ट्रेनिंग
स्कूलों में पुस्तकालय के रख रखाव व संचालित किए जाने के लिए प्रदेशभर के हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल के एक-एक शिक्षक को प्रशिक्षत किया जा रहा है। ये ट्रेनिंग को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहले चरण की ट्रेंनिंग में भिंड जिले के 80 शिक्षकों को बुलाया गया है। दूसरे चरण में शेष शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक दीपक पांडेय का कहना है कि प्रदेशभर में नई शिक्षा नीति के तहत पुस्कालय खोले जाने की कवायद की जा रही है। हर हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल में पुस्तकालय छात्रों के लिए होंगे। इसी के तहत हर स्कूल के एक–एक टीचर को प्रशिक्षण दिए जाने का प्राेग्राम चल रहा है।
भिंड जिले के पुस्तकालय प्रभारी मोहित दीक्षित का कहना है कि सरकार की स्कीम में पुस्तकालय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुस्तकों के खरीदने, रख रखाव व छात्रों के बैठने के लिए सरकार अलग से सुविधा देने जा रही है। इससे


