लोकमतसत्याग्रह/स्वास्थ्य विभाग ने रविवार काे तीन अस्पताल के पंजीयन रद्द कर दिए। यह अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे थे। अव्यवस्थाओं पर डेढ़ महीने पर इन्हें सीएमचओ की ओर से नोटिस दिया गया था। जिसका जवाब संतुष्टिपूर्ण न मिलने पर इनके पंजीयन रद्द किए गए हैं। लेकिन गजब की बात यह है कि शहर में बेखौफ तरीक से तलघर में आईसीयू और ओपीडी संचालित करने वाले अस्पताल तथा फर्जी क्लिनिक की तरफ से स्वास्थ्य विभाग ने नजर फेर रखी है। इन फर्जी क्लिनिक की दहलीज तक स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची भी लेकिन बिना कार्रवाई के वापस लौटी।क्योंकि सांठगांठ के चलते शहर में खुलेआम फर्जी क्लिनिक संचालित हो रहीं है और स्वास्थ्य विभाग आंख मूंदकर बैठा हुआ है।
इनका हुआ पंजीयन रद्द
आमखो बस स्टेंड पर संचालित होने वाला प्रताप हास्पिटल, गुड़ागुड़ी के नाके पर संचालित होने वाला वैष्णवी हास्पिटल और बसंत विहार में संचालित हो रहे भारत हास्पिटल का पंजीयन रद्द किया गया है। सीएमचओ डा आरके राजौरिया ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि तीस दिन पहले इन अस्पतालों की जांच की गई थी। जहां पर काफी अनियमितताएं मिली थीं। जिस पर नोटिस दिया पर तीस दिवस के भीतर जवाब नहीं दिया तब एक पक्षीय कार्यवाही करते हुए उनके खिलाफ पंजीयन रद्द की कार्रवाई की गई।
तलघर में आइसीयू
स्वास्थ्य विभाग की सांठगांठ के चलते शहर में नियमों का ताक पर रखकर अस्पताल संचालित हो रहे है और मरीजों की जान से खिलवाड़ हो रहा है। झांसी रोड पर स्थित सुविधा और अमरनाथ हास्पिटल में आइसीयू तलघर में चल रहा है। जबकि बसंत विहार में शुभम हास्पिटल में तलघर में पूरा आइसीयू चल रहा है। इसी तरह से मुरार में बारादरी चौराह पर एक निजी अस्पताल के तलघर में ओपीडी संचालित हो रही है। लेकिन इन अस्पतालों की तरफ स्वास्थ्य विभाग नजर तक नहीं डाल रहा है।
कलेक्टर के आदेश के बाद भी फर्जी क्लिनिक पर कार्रवाई नहीं
हाल ही में शिकायतों के चलते ग्वालियर कलेक्टर ने शहर में संचालित हो रहीं फर्जी क्लीनिक पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके लिए आदेश भी जारी हुआ और सीएमएचओ ने दो टीम भी बनाई। यह टीम इन फर्जी क्लिनिक पर कार्रवाई करने की नियत से पहुंची लेकिन बिना कार्रवाई के वापस लौट आई। असल में कारण था स्वास्थ्य विभाग के अफसर और फर्जी क्लिनिक संचालित करने वालों के बीच में होने वाली सांठगांठ । यही कारण है कि बिना डिग्री के लोग शहर में फर्जी तरह से क्लिनिक का संचालन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों का पालन जो भी नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। तीन अस्पताल ऐसे मिले थे इनके पंजीयन रद्द कर दिए गए हैं। कुछ अस्पताल और भी है उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। शहर में जो भी फर्जी क्लिनिक संचालित हो रही है तो जांच के बाद उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
डा आरके राजौरिया, सीएमएचओ



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