महाकुंभ में जाएंगे, तो प्रयागराज में एंट्री पर नहीं लगेगा कोई टैक्स, 7 टोल प्लाजा होंगे फ्री

लोकमत सत्याग्रह / उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रयागराज महाकुंभ 13 जनवरी 2025, सोमवार से शुरू होकर 26 फरवरी 2025, शुक्रवार तक चलेगा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए भी हर संभव कदम उठाया जा रहा है।

  1. 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रहेगी सुविधा
  2. किसी भी यात्री वाहन से नहीं वसूलेंगे टैक्स
  3. कमर्शियल वाहनों का टोल टैक्स जारी रहेगा

प्रयागराज (Toll Tax in UP) अगले साल जनवरी में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होना है। एक अनुमान के मुताबिक, देश-दुनिया से 40 करोड़ से अधिक लोग इस दौरान प्रयागराज पहुंचेंगे।

अच्छी खबर यह है कि प्रयागराज में प्रवेश करते समय किसी यात्री को टोल नहीं देना होगा। सरकार ने प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करते समय आने वाले सभी 7 टोल को महाकुंभ के दौरान फ्री करने का फैसला किया है।

45 दिनों तक ये 7 टोल रहेंगे फ्री

  1. चित्रकूट मार्ग पर उमापुर टोल प्लाजा
  2. रीवा राजमार्ग पर गन्ने टोल प्लाजा
  3. मिर्जापुर मार्ग पर मुंगारी टोल प्लाजा
  4. वाराणसी मार्ग पर हंडिया टोल प्लाजा
  5. लखनऊ राजमार्ग पर अंधियारी टोल प्लाजा
  6. अयोध्या राजमार्ग पर मऊ टोल प्लाजा
  • आइमा टोल प्लाजा

क्या रहेगी व्यवस्था

किसी भी यात्री वाहन से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। हालांकि कमर्शियल वाहनों से टोल वसूला जाएगा, जिन पर माल लदा होगा। जैसे सरिया, सीमेंट, बालू और इलेक्ट्रॉनिक सामान लदे वाहनों से टोल टैक्स की वसूली जारी रहेगी। यदि किसी जीप, कार का कमर्शियल उपयोग हो रहा है, तो भी टोल वसूला जाएगा।

कुंभ की तैयारी और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए प्रयागराज आए एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव से बीते दिनों मेला प्रशासन और जिला प्रशासन ने मुलाकात की थी। इसी दौरान यात्रियों के लिए टोल फ्री करने की मांग भी उठी थी।

रेलवे चलाएगा 1200 ट्रेनें, सड़कों पर दौड़ेंगी 7000 बसें

महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान लगाया गया है। इसी हिसाब से तैयारियों को भी अंजाम दिया जा रहा है। सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। जहां जरूरी है, वहां ट्रेनों के नए ठहराव स्थल बनाए जा रहे हैं।

महाकुंभ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 1200 अतिरिक्त गाड़ियां चलाने का फैसला किया है। सड़क मार्ग पर यात्रियों का आवागमन सुलभ करने के लिए 7000 बसों को उतारा जा रहा है।

कुंभ पर्व 2025 राजसी स्नान तिथियां (Kumbh 2025 Snan Dates)

  • 14 जनवरी 2025 – मकर संक्रांति
  • 29 जनवरी 2025 – मौनी अमावस्या
  • 3 फरवरी 2025 – बसंत पंचमी
  • 12 फरवरी 2025 – माघी पूर्णिमा
  • 26 फरवरी 2025 – महाशिवरात्रि

12 साल में ही क्यों होता है महाकुंभ का आयोजन

सनातन धर्म में महाकुंभ का विशेष महत्व है।  इसकी कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच छीना-झपटी हुई थी और अमृत की कुछ बूंदें धरती की चार जगहों पर गिरी थी। ये स्थान थे- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरी। इन्हीं स्थानों पर महाकुंभ का आयोजन होता है।

राक्षसों और देवताओं के बीच समुद्र मंथन 12 साल तक चला था। यही कारण है कि हर 12 साल में कुंभ का आयोजन होता है।

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