अच्छे दिन’ वाले फ्लॉप, अब बनेगी ‘आयरनलेडी’ सरकार; भाजपा पर बरसते हुए मायावती ने फूंका चुनावी शंखनाद!

लोकमत सत्याग्रह/लखनऊ

लखनऊ में आयोजित पार्टी की ऑल-इंडिया बैठक में बसपा प्रमुख मायावती ने स्पष्ट किया कि पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और अपने बलबूते पर पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरेगी।

अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा: यूपी, उत्तराखंड और पंजाब के लिए रणनीति तैयार

लखनऊ में बसपा की एक महत्वपूर्ण ऑल-इंडिया बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी अध्यक्ष मायावती ने संगठन के पदाधिकारियों को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तन, मन, धन से जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ़ किया कि पार्टी बिना किसी बैसाखी के अकेले चुनाव लड़कर दमदार उम्मीदवारों का चयन करेगी और संगठन में भी जरूरी फेरबदल किए जाएंगे।

भाजपा सरकार पर तीखा हमला: ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदें निराशाजनक

पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक का हवाला देते हुए बसपा ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा:

  • जनता की समस्याएं: विज्ञप्ति में कहा गया कि देश और विशेषकर उत्तर प्रदेश की जनता अपार गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, पलायन और भ्रष्टाचार से त्रस्त है। भाजपा द्वारा जगाई गई ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदें पूरी तरह निराशाजनक साबित हुई हैं।
  • अयोध्या चंदा प्रकरण और ब्राह्मण समाज की नाराजगी : मायावती ने आरोप लगाया कि संकीर्ण, जातिवादी रवैये के साथ-साथ अयोध्या चंदा प्रकरण से आम लोगों की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंची है। इसके अलावा, ब्राह्मण समाज की अवमानना , अपमान और असुरक्षा के कारण ब्राह्मण समाज में भी सत्ताधारी पार्टी का ग्राफ तेजी से गिरा है।
  • आर्थिक नीतियां और आईआईटी मुंबई की घटना: बसपा ने जीएसटी और नई यूपीआई पेमेंट व्यवस्था को आमजन व व्यापारियों के लिए नुकसानदेह बताया। इसके साथ ही, आईआईटी मुंबई में एक दलित छात्र की आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जातिवाद चरम पर है।

विकसित भारत’ नहीं, ‘शक्तिशाली भारत’ का सपना देखें

बसपा प्रमुख ने सरकार के ‘विकसित भारत’ के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि देश में जीडीपी ग्रोथ का वास्तविक लाभ जमीन पर गरीबों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ‘विकसित भारत’ के बजाय ‘शक्तिशाली भारत’ का सपना देखना चाहिए, क्योंकि दुनिया के कई तथाकथित विकसित देश भी महाशक्ति अमेरिका के आगे घुटने टेक रहे हैं।

मिशनरी लक्ष्य: यूपी में पांचवीं बार ‘आयरनलेडी’ सरकार बनाने का संकल्प

मायावती ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि चुनाव चाहे त्रिकोणीय हो या चतुष्कोणीय, बहुजन समाज को अपनी असली ताकत यानी ‘वोट के अधिकार’ को पहचानना होगा। उन्होंने यूपी में पांचवीं बार बसपा की और पूर्ण बहुमत की दूसरी बार ‘आयरनलेडी’ सरकार बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि इस मिशनरी लक्ष्य को पाने के लिए सर्वसमाज को साथ लेकर हर प्रकार के स्वार्थ, जातिवाद और पारिवारिक मोह-जाल से दूर रहना होगा।

ईशान आनंद बने बसपा के नए ‘राष्ट्रीय संयोजक’

इस बैठक में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव भी सामने आया। वकालत (एलएलएम) की पढ़ाई पूरी कर चुके श्री ईशान आनंद को पार्टी का नया ‘राष्ट्रीय संयोजक’ नियुक्त किया गया है।

  • नियुक्ति के बाद ईशान आनंद ने बसपा अध्यक्ष मायावती का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगे।
  • उन्होंने मंच से ‘जय भीम’ का नारा देते हुए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर श्री कांशीराम जी को नमन किया और बहुजन समाज को पैरों पर खड़ा करने के लिए बहन कुमारी मायावती के बताए रास्तों पर चलने का वादा किया।

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