ग्वालियर के जीवाजी क्लब में 2 घंटे चला हंगामा, सदस्यों के दबाव के आगे झुके पदाधिकारी, अब दिसंबर में होंगे चुनाव

लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर के जीवाजी क्लब की वार्षिक बैठक (AGM) में खर्चों के ब्योरे, राजनीतिकरण और चुनाव की तारीख को लेकर भारी हंगामा हुआ। सदस्यों के दबाव के बाद चुनाव 20 दिसंबर को तय हुए।

ग्वालियर : जीवाजी क्लब की रविवार को हुई एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) में चुनाव की तारीख को लेकर जमकर हंगामा हुआ। करीब दो घंटे चली बैठक में सदस्यों ने वर्तमान कार्यकारिणी के कामकाज पर सवाल उठाते हुए खर्चों का ब्योरा मांगा। आयोजनों में एक ही राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और क्लब सदस्यों की अनदेखी के आरोप भी लगाए गए।

माहौल उस समय और गरमा गया, जब चुनाव मार्च में कराने के प्रस्ताव के सामने सदस्यों ने 20 दिसंबर की तारीख पर जोर दिया। अंततः सदस्यों की राय के आधार पर 20 दिसंबर को चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। इसके पूर्व एजीएम में पदाधिकारियों ने दो वर्ष में किए गए डवलपमेंट के बारे में बताया। उसके बाद से ही विरोध के सुर फूटने लगे।

खर्चों का ब्योरा मांगने पर उठे सवाल

बैठक में अध्यक्ष राजेंद्र सेठ और सचिव संजय वर्मा को सदस्यों के सवालों का सामना करना पड़ा। सदस्यों ने वर्षभर के आयोजनों और अन्य गतिविधियों पर हुए खर्च का हिसाब मांगा, लेकिन बैठक में इसका विस्तृत विवरण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। कुछ सदस्यों ने यह भी सवाल उठाया कि क्लब के कार्यक्रमों में एक ही राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधियों को प्राथमिकता क्यों दी गई और अपने ही सदस्यों को अपेक्षित महत्व क्यों नहीं मिला।

मार्च बनाम 20 दिसंबर पर आमने-सामने आए सदस्य

  • एजीएम में सबसे ज्यादा विवाद चुनाव की तारीख को लेकर हुआ। सदस्यों का एक पक्ष दिसंबर में चुनाव कराने के पक्ष में था, जबकि वर्तमान कार्यकारिणी मार्च में चुनाव कराने की बात कह रही थी। दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ने पर सदस्यों की राय जानने के लिए हाथ उठवाए गए।

इसमें अधिकांश सदस्य 20 दिसंबर को चुनाव कराने के समर्थन में नजर आए, जबकि मार्च के पक्ष में कुछ ही सदस्य दिखे। इसके बाद 20 दिसंबर को चुनाव कराने की तारीख तय की गई। बैठक में उपाध्यक्ष अमित गुप्ता, कोषाध्यक्ष संजय नीखरा और संयुक्त सचिव केतन अग्रवाल सहित क्लब के सदस्य मौजूद रहे।

Leave a Reply