ग्वालियर में एजी पुल की मरम्मत अटकी, 4 बार टेंडर के बाद भी नहीं मिला ठेकेदार; PWD की सख्त शर्तें बनीं रोड़ा

लोकमत सत्याग्रह/ग्वालियर के एजी पुल सहित अन्य पुलों की मरम्मत कड़ी शर्तों के चलते चार बार टेंडर के बाद भी लटक गई है। अब पीडब्ल्यूडी नियमों में ढील देकर नए सिरे से टेंडर निकालेगा।

ग्वालियर। शहर के एजी पुल सहित अन्य पुलों की मरम्मत का काम ठेकेदार नहीं मिलने के कारण अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सेतु संभाग ने मरम्मत कार्य के लिए चार बार टेंडर प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया, लेकिन हर बार ठेकेदार तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया में ही बाहर हो गए। विभाग ने ठेकेदारों के बीच अच्छी प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टेंडर में ऐसी शर्तें रखीं, जिन्हें प्रदेशभर के ठेकेदार भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। नतीजतन टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और पुलों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया।

अस्थायी मरम्मत का सहारा, तकनीकी मूल्यांकन में बाहर हो रहे ठेकेदार

  • स्थिति यह है कि पुलों पर गड्ढों की समस्या दूर करने के लिए फिलहाल अस्थायी मरम्मत का सहारा लिया जा रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ग्वालियर दौरे से पहले भी विभाग को एजी पुल पर अपने स्तर से पैच रिपेयरिंग करानी पड़ी। गड्ढों को भरकर आवागमन के लिए तत्काल राहत देने का प्रयास किया गया, लेकिन यह व्यवस्था स्थायी मरम्मत का विकल्प नहीं है।

पुलों की वास्तविक स्थिति सुधारने के लिए नियोजित तरीके से मरम्मत कार्य कराया जाना जरूरी है। पुलों की मरम्मत के लिए चार बार निविदा प्रक्रिया अपनाने के बावजूद ठेकेदारों का तकनीकी मूल्यांकन में सफल नहीं होना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। टेंडर की शर्तें पूरी नहीं कर पाने के कारण ठेकेदार आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरम्मत कार्य शुरू करने में लगातार देरी हो रही है। बार-बार टेंडर जारी करने के बाद भी ठेकेदार नहीं मिलने से अब विभाग को अपनी शर्तों पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।

शर्तों में शिथिलता देने की तैयारी

लगातार चार बार की टेंडर प्रक्रिया के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर अब पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग ने शर्तों में शिथिलता देने की प्रक्रिया शुरू कराई है। इसका उद्देश्य ऐसी शर्तें निर्धारित करना है, जिन्हें पूरा कर योग्य ठेकेदार मरम्मत कार्य के लिए आगे आ सकें। शर्तों में बदलाव के बाद टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने और ठेकेदार मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह प्रक्रिया कब तक पूरी होगी और पुलों की मरम्मत का काम कब शुरू हो पाएगा, यह आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।

ठेकेदार नहीं मिल रहे

पुलों की मरम्मत के लिए चार बार टेंडर प्रक्रिया की गई है, लेकिन शर्तों के कारण ठेकेदार नहीं मिल पा रहे हैं। अब इस मामले में शर्तों में परिवर्तन के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रक्रिया पूरी कर मरम्मत का काम शुरू कराया जा सके। जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग

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